Friday, April 17, 2026
Uncategorized

TCS की कटमुल्ली निदा खान ने मुसलमान कर्मचारियों के खिलाफ 78 शिकायतों में ,एक पर भी कार्यवाही नहीं

मुस्लिम कर्मियों के खिलाफ 78 शिकायतें मिलीं, एक पर भी नहीं लिया एक्शन: TCS नासिक कांड में पुलिस को HR निदा खान की तलाश, हिंदू पीड़िताओं से कहती थी- ये सब चलता है

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS की नासिक BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों से भारत हिल गया है। अब तक सात गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। इसमें कंपनी की एचआर मैनेजर और मुख्य आरोपित निदा खान भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, दानिश शेख और तौसिफ अत्तर शामिल हैं।

जाँच करने वालों का कहना है कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम अब इसकी जाँच भी कर रही है कि निदा खान ने कंपनी में किस तरह से लड़कियों पर दबाव डाला। निदा खान के नेटवर्क के अंदर फाइनेंशियल लिंक, डिजिटल फुटप्रिंट की जाँच भी हो रही है।

इस मामले को लेकर एक रिसॉर्ट से CCTV फुटेज जब्त किया गया है, जहाँ एक पीड़िता पर हमला किया गया था। बताया जा रहा है कि यह रैकेट 2021 से एक्टिव था। इसमें कमजोर कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था और इसके लिए ‘बाहरी फंडिंग’ की आशंका भी है। पीड़ितों को धमकाने के लिए एक और HR अधिकारी जाँच के दायरे में है। अब तक 9 FIR दर्ज की गई है।

पीड़िताओं ने आरोप लगाा है कि टीम लीडर्स, जैसे- आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख आदि ने उन्हें अच्छी सैलरी, प्रमोशन और नौकरी के बेहतर अवसर का लालच देकर फँसाया।

इसके बाद शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। ब्लैकमेल किया गया। कुछ मामलों में बलात्कार तक के आरोप लगे हैं। हिन्दू लड़कियों को नमाज पढ़ने, रोजा रखने, माँसाहार करने और यहाँ तक कि धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। इस जिहादी नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ, जब अंडरकवर महिला पुलिस ने कंपनी में शामिल होकर सच सामने लाया।

कौन है निदा खान

30 साल की निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। वह नासिक TCS के BPO यूनिट में HR मैनेजर के तौर पर काम करती थी और कंपनी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी यानी ICC का भी हिस्सा थी।

उसके काम में कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करना, कार्यस्थल में कर्मचारियों की सुरक्षा का ध्यान रखना और POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) एक्ट के नियमों का पालन करना शामिल था। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, वह पुणे के कामकाज से जुड़ी थीं और कहा जाता है कि उन्होंने जनवरी में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उनके प्रोफेशनल काम की वजह से खास तौर पर गंभीर हैं।

जाँच में ये बात सामने आई है कि लंबे वक्त तक कई महिलाएँ परेशान थीं, उन्होंने एचआर अधिकारी निदा खान को जानकारी भी दी, लेकिन न तो उनकी शिकायतें दर्ज हुई और न ही कोई कार्रवाई की। जाँचकर्ताओं का मानना ​​है कि निदा खान ने शायद आरोपों का जवाब नहीं दिया और न ही आलाधिकारियों को शिकायतों की जानकारी दी।

नासिक सिटी पुलिस कमिश्नरेट के मुंबई नाका और देवलाली कैंप पुलिस स्टेशनों में FIR दर्ज कराने वाली कई हिंदू महिलाओं ने कहा कि उनके यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। कुछ शिकायत करने वालों ने यह भी कहा कि उन पर चुप रहने का दबाव बनाया गया था। अब यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या निदा खान ने जानबूझकर आरोपितों को बचाने की कोशिश की?

आखिर पीड़िताओं के बार-बार किए गए दावों को क्यों खारिज कर दिया। 78 ईमेल और चैट मैसेज मिलने के बाद भी उसने अपने सीनियर्स को इस बारे में क्यों नहीं बताया। निदा खान की कॉल डिटेल्स में भी पता चला है कि आरोपितों से उसकी बातचीत होती रहती थी।

शिकायत करने वालों के मुताबिक, वह POSH कमेटी की मेंबर थीं, लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि पीड़िताओं को ये समझाने की कोशिश की कि बिजनेस की दुनिया में ऐसी घटनाएँ आम हैं।

निदा खान की भर्ती प्रक्रिया के पैटर्न की जाँच

जाँच के मुताबिक, निदा खान ने हिंदू लड़कियों को इस्लामिक परंपरा सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें अपने विश्वास में लिया और झूठे वादे किए। फिर उन्हें मुस्लिम महिलाओं की तरह बुर्का, हिजाब और दूसरे कपड़े पहनने के लिए मजबूर किया। वह मामले के खुलासे के वक्त पुणे ऑफिस से जुड़ गई थी। इसलिए नासिक से पुणे तक पुलिस की टीम जाँच में जुटी है। वह किन लोगों से मिली, कहाँ कहाँ की यात्राएँ की, इन सब का भी पता लगाया जा रहा है

खास बात यह है कि निदा खान का नाम पहली आधिकारिक शिकायत में भी दर्ज है। इसमें दानिश शेख और तौसीफ अत्तर के साथ उसका नाम एक 23 साल की दलित हिंदू पीड़िता ने दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक तीनों ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में गलत बातें कहीं, जिससे उसकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। उसने दानिश पर रेप का आरोप लगाया। दानिश पहले से शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे हैं। उसने शादी का झाँसा देकर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया, जबकि तौसीफ ने वर्कप्लेस पर उसके सामने सेक्सुअल प्रपोजल रखे।

इस मामले की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी ये भी जाँच कर रही है कि ये सिस्टम की विफलता थी या व्यक्तिगत मामला था। पुलिस उनके बैंक खातों की भी जाँच कर रही है, ताकि किसी तरह के लेन-देन का पता लगाया जा सके।

Leave a Reply