मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद से लव जिहाद का मामला सामने आया है। युवती ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे संबंध बनाए, शादी का भरोसा दिया और बाद में कन्वर्जन (इस्लाम कबूल करने) का दबाव बनाने लगा, तब जाकर उसकी असली पहचान सामने आई।
आरोपी की पहचान अब्दुल हादी पठान के रूप में हुई है, जोकि खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम नांदरा का निवासी है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने खुद को “आदित्य ठाकुर” बताकर उससे दोस्ती की थी। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई और करीब दो वर्षों तक युवती को इस झूठी पहचान के सहारे विश्वास में रखा गया। आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे मानसिक रूप से अपने प्रभाव में बनाए रखा।
युवती ने शिकायत में बताया कि दोनों की पहली मुलाकात महेश्वर बस स्टैंड के पास एक मोबाइल फोन की दुकान पर हुई थी। आरोपी ने खुद को हिंदू युवक बताते हुए परिवार और भविष्य से जुड़े वादे किए, जिससे युवती का विश्वास और गहरा होता गया।
शादी का झांसा और शोषण के आरोप
शिकायत के अनुसार, 10 दिसंबर 2025 को आरोपी युवती को धामनोद के महेश्वर फाटे स्थित एक होटल में ले गया। वहां उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी आरोपी शादी का झांसा देकर उसे अपने प्रभाव में बनाए रखा। युवती को इस दौरान मानसिक रूप से भ्रमित किया गया।
मामले ने निर्णायक मोड़ तब लिया जब 10 अप्रैल 2026 को आरोपी ने एक बार फिर युवती को होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। इसी दौरान युवती की नजर आरोपी की जेब में रखे आधार कार्ड पर पड़ी, जिससे उसकी वास्तविक पहचान सामने आई। युवती के अनुसार, जब उसने इस बारे में सवाल किया तो आरोपी ने खुद को मुस्लिम बताते हुए कन्वर्जन कर निकाह करने का दबाव बनाया। बात नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी दी। युवती ने तत्काल पुलिस का सहारा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और दर्ज धाराएं
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इनमें दुष्कर्म, धोखाधड़ी, धमकी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
धामनोद थाना पुलिस ने आरोपी अब्दुल हादी पठान (पुत्र हुसैन पठान), निवासी ग्राम नांदरा, थाना मंडलेश्वर, जिला खरगोन के खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2026 दर्ज किया है। इस प्रकरण में उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 64(1), 64(2)(एम) और 351(3) के साथ-साथ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही सामाजिक संगठनों हिन्दू जागरण मंच, विश्व हिन्दू परिषद एवं अन्य हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे और इसे “लव जिहाद” का मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों में सुनियोजित तरीके से पहचान छिपाकर हमारी हिन्दू बहनों को निशाना बनाया जा रहा है।
गलत पहचान बताकर विश्वास हासिल करते हैं
उल्लेखनीय है कि यह घटना कोई नया मामला नहीं है। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पिछले कुछ वर्षों में पहचान छिपाकर संबंध बनाने और बाद में विवाद उत्पन्न होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन मामलों में अक्सर पाया यही गया है कि आरोपी ने गलत पहचान के आधार पर विश्वास हासिल किया और बाद में परिस्थितियां बदलने पर विवाद खड़ा हुआ। ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या ने समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता पैदा करके रखी है।






