Tuesday, May 5, 2026
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6 मुसलमान कटमुल्ले गिरफ्तार, बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या,कांग्रेस नेता ने भड़काया था?

कर्नाटक के शिमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता हर्ष की हत्या मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. शिमोगा के एसपी लक्ष्मी प्रसाद ने मंगलवार 22 फरवरी को ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुल छह लोगों को गिरफ्तार करने के अलावा 12 लोगों से पूछताछ की जा रही है.

इंडिया टुडे से जुड़े नॉलन पिंटो की रिपोर्ट के मुताबिक इन आरोपियों के नाम काशिफ, नदीम, आसिफ खान, रेहान शरीफ, निहान और अब्दुल अफनान बताए हैं. काशिफ और नदीम की गिरफ्तारी सोमवार को ही कर ली गई थी. एसपी लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि सभी आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल के बीच है.

घटना बीती 20 फरवरी की रात को हुई. शिमोगा की भारती कॉलोनी में कुछ अज्ञात लोगों ने हर्ष पर चाकुओं से हमला कर दिया था. हमले के तुरंत बाद हर्ष को अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बाद में जानकारी आई कि हर्ष बजरंग दल से जुड़े थे. इसके चलते 21 फरवरी को उनकी अंतिम यात्रा के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला. आरोप है कि हर्ष की मौत से गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में तोड़फोड़, पत्थरबाजी और आगजनी की.

आरोपी की पत्नी, मृतक की बहन ने क्या कहा?

इस बीच एक आरोपी काशिफ की पत्नी मोहसिना का बयान सामने आया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मोहसिना ने कहा है कि जिस दिन बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या हुई थी, उस दिन उनके पति रात आठ बजे बच्चे के लिए डायपर्स लाने गए थे. लेकिन वो रात 11 बजे के बाद आए. मोहसिना से पता चला कि काशिफ लॉरी ड्राइवर का काम करते थे. पत्नी ने बताया,

‘मैंने उनसे पूछा कि वो कहां थे. उन्होंने कहा कि वो दोस्तों के साथ थे. बाद में पुलिस आई और उन्हें गिरफ्तार कर ले गई.’

वहीं मृतक हर्ष की बहन अश्विनी का भी बयान सामने आया है. उन्होंने अपने भाई के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा है,

‘हमें नहीं पता कि ये किसने किया. वो खाने के लिए निकला था और नहीं लौटा. हमें बस इंसाफ चाहिए. वो बजरंग दल के साथ सोशल वर्क कर रहा था. मंदिरों में काम करता था, जरूरतमंद लोगों की सेवा करता था. किसी का ऐक्सिडेंट हो जाता तो वो घायल को खून देने या एडमिट कराने के लिए भागता था. आज वो हमारे साथ नहीं है. हम हर चीज के लिए उसी को पूछते थे.’

अश्विनी के मुताबिक हर्ष ने उन्हें या परिवार को किसी से दुश्मनी होने की बात कभी नहीं कही. उन्होंने बताया कि वो पोस्ट ऑफिस के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था. अश्विनी ने दुख जताते हुए कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं होता कि उनका छोटा भाई अब उनके बीच नहीं है.

मुस्लिम इलाकों को निशाना बनाया गया

ये घटना ऐसे समय में हुई है जब कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर चर्चा में बना हुआ है. शिमोगा जिले में भी हिजाब को लेकर प्रदर्शन हुए हैं. इसे रोकने और क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई थी. लेकिन अब बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद माहौल फिर खराब हो गया है. इस बात का भी भय बना हुआ है कि कहीं से मामला सांप्रदायिक रुख न अख्तियार कर ले. कुछ जगहों पर मुस्लिमों को निशाना बनाने की भी खबरें आई हैं.

घटना को लेकर शिमोगा के सीगेहट्टी इलाके में पथराव और आगजनी की गई थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बलों की संख्या बढ़ा दी गई है. बता दें कि हत्या को हिजाब विवाद से भी जोड़ा गया था. लेकिन कर्नाटक सरकार ने इसे खारिज कर दिया था. राज्य के गृह मंत्री अरगा जननेंद्र ने साफ किया था कि अभी तक इस आरोप से जुड़े सबूत नहीं मिले हैं. अरगा  जननेंद्र ने कहा था,

‘इस घटना में 4-5 युवक शामिल हो सकते हैं. जल्द ही हम उन्हें गिरफ्तार करेंगे. शिमोगा के लोगों को शांत रहने की जरूरत है. आज नहीं तो कल गिरफ्तारी होगी. मुझे अभी तक हत्या के पीछे का कोई खास कारण पता नहीं चल पाया है. शुरुआती जानकारी से पता चला है कि ये हिजाब का मुद्दा नहीं है, लेकिन हमें इंतजार करने की जरूरत है.’

हालांकि कर्नाटक के एक मंत्री ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया कि इस हत्या में ‘मुस्लिम गुंडे’ शामिल हैं और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने उन्हें भड़काया था.

इस पर शिवकुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए ईश्वरप्पा की बर्खास्तगी की मांग की है.

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