खौफनाक वारदात
मामूली विवाद पर हत्या
महाराष्ट्र के सांगली की रहने वाली 35 वर्षीय मनीषा मोहन केसरेकर, दो मासूम बच्चों की माँ और एक समर्पित गृहिणी थीं। मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले मनीषा और उनके पति मोहन ने महज 10 महीने पहले ही कुपवाड़ में अपना नया घर बनाकर एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की थी।
उनके पड़ोस में 52 वर्षीय फरीद अब्दुल शेख रहता था। रविवार की सुबह करीब 6 बजे मनीषा अपने घर के बाहर पानी गर्म करने के लिए चूल्हा जला रही थीं। तभी फरीद उनके घर के ठीक पीछे सड़क पर कचरा फेंकने लगा।
जब मनीषा ने वहां कचरा फेंकने पर आपत्ति जताई, तो देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। शोर सुनकर मनीषा के पति मोहन बीच-बचाव करने पहुंचे और मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन फरीद ने आपा खोते हुए उन पर हाथ उठा दिया और थप्पड़ जड़ दिया।
पति के साथ हुई मारपीट का जब मनीषा ने विरोध किया, तो विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। फरीद तुरंत अपने घर के अंदर गया और वहां से हथौड़ा व चाकू लेकर बाहर निकला। उसने सबसे पहले मोहन के सिर पर हथौड़े से जानलेवा वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इसके बाद उसने मनीषा पर टूट पड़ते हुए चाकू से उनके सिर और पेट पर ताबड़तोड़ कई वार किए।
इस बर्बर हमले में मनीषा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके पति आईसीयू में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस खूनी वारदात को अंजाम देने के बाद फरीद साइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गया।
कचरा फेंकने जैसी मामूली सी बात पर हुआ यह विवाद इतना हिंसक रूप ले लेगा, किसी ने सोचा न था। दो मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया और उनके पिता अस्पताल के बिस्तर पर ज़िंदगी के लिए जूझ रहे हैं।






