Saturday, September 5, 2026
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मेरा बाबू है, मेरी शोना,….फिर ऐसे लिया धोखे का बदला

आप है सुश्री ऋतुजा पाटिल जी।
पुत्री : श्री अमृत पाटिल जी।
निवासी : नंदुरबार, महाराष्ट्र।

आप टीसीएस की इम्प्लॉयी रह चुकी है। पापा आपके सरकारी शिक्षिक है और एक कोचिंग सेंटर के ऑनर भी। आप इस जमाने की लड़की है तो आपका एक बॉयफ्रेंड भी है, नाम लोकेश उर्फ गौरव पाटिल। गौरव एक फार्मासूटिकल कंपनी में इम्प्लॉयी है। आप दोनों एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते है, दिलोजां से चाहते है।

MPSC ड्रग इंस्पेक्टर के लिए नोटिफिकेशन जारी करती है। 22 मार्च को एग्जाम था।
एग्जाम से पहले ऋतुजा जी किसी भी हाल में ये एग्जाम क्लियर करना चाहती थी। सरकारी नौकरी लेना चाहती थी। पापा सरकारी नौकरी में है तो हम भी सरकारी नौकरी वाले बनेंगे। इन्होंने अपने लेवल से पता-वता करना शुरू किया। कहीं कुछ मिल जाये कि एग्जाम क्लियर करने में कोई कठिनाई न हो। बहुत ज्यादा सर्चिंग के बाद इन्हें एक क्लू मिला। क्लू को पकड़ के आगे तक गई। बात हुई कि एग्जाम के पहले क्वेश्चन पेपर मिल जाएंगे उसके लिए कुछ न्यौछावर करना पड़ेगा।
न्यौछावर की राशि 5 लाख।
इन्होंने अपने बाबू गौरव पाटिल को बोली कि बाबू मुझे पांच लाख रुपये अरेंज कर के दो न मुझे इसके माध्यम से एक जैकपॉट मिलेगा और मेरी जिंदगी सेट हो जाएगी। गौरव ने अपनी और अपने घर की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतने पैसे देने में असमर्थता जताई।
ऋतुजा इसके बाद अपने पापा को ही बोली पैसे अरेंज करने को। पापा ने पैसे अरेंज किये और कौटिल्य अकेडमी के संचालक प्रवीण पाटिल को दिए। प्रवीण पाटिल जी ने फिर MPSC के अंडर सेक्रेटरी और अन्य पहुँच वालों के चैन के मदद से एग्जाम के दो दिन पहले क्वेश्चन पेपर हासिल करने में सफल हो गए।
प्रवीण पाटिल ने फिर वो क्वेश्चन पेपर ऋतुजा के पिता को दे दिए।
ऋतुजा जी दो दिन खूब रट्टा मारी आंसर के।
लेकिन ऋतुजा का दिल बहुत बड़ा था। जिस बॉयफ्रेंड ने पैसे देने से मना किया था उसको भी वाट्सएप में भेज दी क्वेश्चन पेपर क्योंकि उसका भाई भी एग्जाम में बैठने वाला था। वाव! सच अ काइंड पर्सन यू आर ऋतुजा जी।

खैर एग्जाम हुए… और ये रैंक होल्डर बनी। 7th रैंक लाई।
लेकिन बाबू का भाई फैल हो गया। भेरी सेड ब्रो।

अब चूंकि पक्का हो गया था कि ऋतुजा जी का सेलेक्शन तो होना ही होना है तो एज यूज्वल जैसा आजकल ट्रेंड चल रहा है वैसा ही हुआ। सरकारी जॉब लगते/फाइनल होते ही प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला बंदा किसको अच्छा लगता है ? लात मार दी गौरव पाटिल जी को। बोली कि ब्रेकअप.. ब्रेकअप.. ब्रेकअप..। अब हम ड्रग इंस्पेक्टर बनने वाले हैं, अब हमारा औरा और लेवल नेक्स्ट लेवल का होगा, उसमें तुम फिट नहीं बैठते हो, तो खिसक लो कायदे से।

ऋतुजा का यह रूप देख के गौरव पाटिल जी “शादी में जरूर आना” के राजकुमार राव जैसे हो गए। “ठुकरा के मेरा प्यार मेरा इंतक़ाम देखेगी..” वाले मोड में आ गए। लेकिन ऐसा नहीं है कि गौरव जी यूपीएससी की तैयारी में लग गए ताकि इंतक़ाम दिखा सके। इंतक़ाम के लिए यूपीएससी ही अकेला थोड़े न मार्ग है ?
गौरव पाटिल जी ने प्रण लिया कि जिस नौकरी के लिए तुम मुझे छोड़ रही हो न उस नौकरी को ही मैं खा जाऊंगा। नौकरी तो तेरी जाएगी ही जाएगी लेकिन बदनामी होगी वो अलग से और वो भी राष्ट्रीय स्तर पे।

गौरव पाटिल जी ने MPSC को मेल लिखा.. जिसमें ऋतुजा जी द्वारा वाट्सएप में भेजे गए क्वेश्चन पेपर को अटैच्ड कर दिया और उसके साथ तमाम अन्य जानकारियां भी। बताया कि आपका क्वेश्चन पेपर लीक हो गया था एग्जाम के दो दिन पहले ही। और उसी से ऋतुजा पाटिल 7th टॉपर बनी है।
मेल पाते ही आयोग वालों के होश उड़ गए। भारी मिस्टेक हो गया टाइप वाली बात हो गई।
क्विक एक्शन शुरू हुआ.. क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट तक बात गई। इन्वेस्टिगेशन आरंभ हुआ और एक-एक करके चैन के लोग पकड़ाते गए। अभी तक कुल 6 गिरफ्तारियां हो चुकी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस एग्जाम को रद्द कर दिया है और फ्रेश एग्जाम लेने की घोषणा की है।
मजेदार बात ये है कि ऋतुजा पाटिल के पिता श्री अमृत पाटिल जी को वर्ष 2022-23 में बेस्ट टीचर का अवार्ड मिला था। बताइये तो।

खैर, गौरव पाटिल जी का ये इंतक़ाम भी भारतवर्ष के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अंकित किया जाएगा।

गौरव पाटिल जी को इंतक़ामी जोहार रहेगा।

मिसोजिनिस्ट गंगवा,
पेण से।

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