जिस चुनाव आयोग को राहुल गाँधी विदेश तक कोसते रहे, ट्रंप ने उसी की तारीफ की: कॉन्ग्रेस को लगी मिर्ची

जरा सोचिए, हमारे देश के चिर युवा नेता यानी राहुल गाँधी जब भी विदेश जाते हैं, तो अक्सर विदेशी मंचों पर जाकर यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश करते हैं कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है, चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और संस्थाएँ बिक चुकी हैं। लेकिन अब एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। जिस पश्चिमी दुनिया से हमारे देश के कुछ नेता सर्टिफिकेट माँगते फिरते हैं, आज उसी पश्चिमी दुनिया का सबसे ताकतवर देश, यानी अमेरिका, भारत की चुनाव प्रणाली की मिसाल दे रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनाव आयोग, हमारे वोटर आईडी सिस्टम और हमारी मतदान प्रक्रिया की खुलकर तारीफ की है। दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति अब भारत के चुनाव सिस्टम से सीख लेने की बात कर रहे हैं। हमें अमेरिका के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है लेकिन ये उनके लिए है जिनको चीन के इंफ्रा और अमेरिका के लोकतंत्र में ही जान नजर आती है।

लेकिन विडंबना देखिए, जिस चुनाव आयोग और व्यवस्था की तारीफ व्हाइट हाउस और अमेरिकी राष्ट्रपति कर रहे हैं, हमारे अपने देश का विपक्ष उसी व्यवस्था को हर चुनाव के बाद कटघरे में खड़ा करने की आदत नहीं छोड़ पा रहा है। ट्रंप की तारीफ के बाद कॉन्ग्रेस को फिर मिर्ची लगी है और व्यंग्य कसते हुए बयान दे डाला है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा और Save America Act क्या है?

आइए सबसे पहले जानते हैं कि आखिर हुआ क्या है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक लंबी पोस्ट लिखी। इस पोस्ट में उन्होंने भारत के चुनाव सिस्टम की जमकर तारीफ की और अपने देश के सामने भारत का मॉडल रखा।

ट्रंप ने लिखा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से एक सीधा सवाल पूछा था, कि आखिर अमेरिका में बिना वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे हो सकते हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सामने भारत के 2024 के आम चुनाव के आँकड़े भी रखे। उन्होंने कहा कि भारत के पिछले चुनाव में करीब 65 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें से 1 प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक यानी मेल-इन वोटिंग का सहारा लिया। और सबसे बड़ी बात, वोट डालने वाले हर एक नागरिक के पास अपनी वैध फोटो पहचान पत्र (Voter ID) होना अनिवार्य था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में ‘SAVE America Act’ को तुरंत पास करने की माँग की। इस कानून का सीधा मकसद यह है कि अमेरिका में वोट डालने के लिए नागरिकता का पक्का सबूत अनिवार्य किया जाए, हर वोटर के लिए फोटो आईडी जरूरी हो और मेल-इन वोटिंग यानी डाक से वोटिंग के फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

इतना ही नहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी ट्रंप के इस बयान का समर्थन किया और कहा कि भारत का चुनाव मॉडल पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। सोचिए, 65 करोड़ लोग लाइन में लगकर, पहचान पत्र दिखाकर वोट डालते हैं और एक भी फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं बचती, यही ताकत आज पूरी दुनिया देख रही है।

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