दिलचस्प बात ये है कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इमरान खान द्वारा जनरल कमर बाजवा को सेना प्रमुख के रूप में ‘डिनोटिफाई’ करने के ‘प्रयासों’ पर रोक लगाने की माँग की गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भारी सियासी हंगामे के बीच अपने पद से हटना पड़ा। इस बीच रविवार (10 अप्रैल 2022) को सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पाक सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा ने इमरान खान को पद से हटने के लिए शनिवार की रात प्रधानमंत्री आवास पर उनके साथ मारपीट की।
इस दावा ऐसे समय किया जा रहा है कि जब इमरान खान संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव हार गए और अपनी सरकार बचाने में नाकाम रहे। वहीं, सदन में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ जल्दी ही प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे और मुल्क में नई सरकार बनाएँगे।
अली नाम के एक ट्विटर यूजर का दावा है, “रात करीब 10:00 बजे पीएम ने जनरल बाजवा को पद से हटाने की अधिसूचना जारी किया। इसी बीच एक हेलीकॉप्टर पीएम हाउस पहुँचा। पीएम हाउस में जवानों
ने स्पीकर को वेटिंग रूम में रोक दिया। इमरान जनरल फैज का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जनरल बाजवा खुद हेलीकॉप्टर में सवार थे। बैठक कमरे में शुरू हुई और यह बहुत खराब थी।”
एक अन्य पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने आरोप लगाया, “उन्होंने हस्तांतरण नहीं किया। उन्हें बंदूक की नोक पर बाहर निकाला गया। बाजवा और ISI के DG हेलीकॉप्टर में आए, पीएम हाउस में घुसे और पीएम के साथ बदसलूकी की। यह नागरिक सरकार का तख्तापलट है। अमेरिका, 3 कठपुतली, जज और सेना प्रमुख की मिलीभगत थी। III ब्रिगेड को तैनात किया गया था। वे अब IK (इमरान खान) को खत्म कर देंगे।”
एक अन्य यूजर मरियम ने आश्चर्य जताया कि क्या जनरल बाजवा को सेनाध्यक्ष के रूप में ‘डिनोटिफाई’ करने के बाद इमरान खान को वास्तव में थप्पड़ मारा गया था।
अली वारसी नाम के यूजर ने लिखा, “दिलचस्प बात यह है कि जब हेलीकॉप्टर पीएम हाउस में उतरा तब इमरान खान फ़ैज़ के आने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उन्हें बड़ा झटका लगा, यह जनरल बाजवा थे। उन्होंने आखिरी पासा फेंका था, लेकिन उल्टा पड़ गया।”
जमीर अफाकी नाम के एक ट्विटर यूजर ने दावा किया, “दुखद। सूत्रों के अनुसार, इमरान ने बाजवा को बर्खास्त करने का आदेश पारित किया, लेकिन रक्षा सचिव ने उसे आगे नहीं बढ़ाया। साथ ही पीएम आवास में भी गड़बड़ी की गई, इसलिए बाजवा को समय रहते पता चल गया। वह हेलिकॉप्टर से पीएम हाउस पहुँचे और उनके आदमियों ने इमरान खान की पिटाई कर दी। हार मानने से पहले उन्हें कई थप्पड़ और लात मारे गए।”
सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए कुछ पाकिस्तानियों द्वारा ट्विटर पर जवाबी दावा किया जा रहा है कि जनरल बाजवा ने 9 अप्रैल की शाम को प्रधानमंत्री कार्यालय में इमरान खान से मुलाकात नहीं की थी।
दिलचस्प बात यह है कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इमरान खान द्वारा जनरल कमर बाजवा को सेना प्रमुख के रूप में ‘डिनोटिफाई’ करने के ‘प्रयासों’ पर रोक लगाने की माँग की गई है। यह याचिका पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 199 का हवाला देते हुए एडवोकेट अदनान इकबाल द्वारा दायर की गई है।
याचिकाकर्ता ने खान पर व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए ‘शक्तियों’ का मनमाना उपयोग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि जनरल बाजवा के खिलाफ अधिसूचना को ‘अवैध, महत्वहीन और शून्य’ करार दिया जाए। इस बीच पाकिस्तानी सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने जनरल बाजवा को सीओएएस के पद से हटाने की कोशिश के आरोपों से इनकार किया।
उन्होंने दावा किया, “सरकार एक संस्था के रूप में सेना प्रमुख और पाकिस्तानी सेना के महत्व को पूरी तरह से समझती है। पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व बदलने की खबरें निराधार अफवाहें और झूठ हैं। यह एक एजेंडे के तहत किया जा रहा है। सरकार इन अफवाहों की निंदा करती है और इनका पूरी तरह से खंडन करती है।”
अविश्वास प्रस्ताव हार गए इमरान
नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव हार जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान का कार्यकाल शनिवार की रात को समाप्त हो गया। खान पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों की लंबी सूची में शामिल हो गए जो आधिकारिक पाकिस्तानी संविधान के अनुसार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करने में विफल रहे हैं।
पाकिस्तान की स्थापना के बाद से कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा करने में सफल नहीं रहा और इमरान खान अपवाद नहीं हैं। इस बार पाकिस्तान सेना सीधा तख्ता पलट नहीं किया गया था। विपक्षी एकता और इमरान की पार्टी PTI के अनुसार, अमेरिका के कहने पर उन्हें हटाया गया।





