आजकल शहरों में नया ऑफर चल रहा है—“Drop के साथ DM बिल्कुल मुफ्त!” आप समझते हो कि आप घर पहुँच गए, लेकिन असल में आपकी एंट्री किसी और की चैट लिस्ट में हो चुकी होती है। हेलमेट उतरते ही सम्मान भी उतर जाता है और 10 मिनट बाद मैसेज—“पहचाना नहीं? अभी छोड़कर आया हूँ…” फिर शुरू होता है डिजिटल इश्क़ का ओला-उबर—“आप बहुत क्यूट हो… अकेली रहती हो क्या… कल मिलोगी?”
कमाल ये है कि किराया ऐप में कटता है, लेकिन दिल का EMI ड्राइवर साहब खुद ही शुरू कर देते हैं। OTP तो छुपा दिया जाता है, लेकिन नंबर ऐसे घूमता है जैसे मोहल्ले का गपशप। और सिस्टम भी बड़ा मासूम है—राइड खत्म, जिम्मेदारी खत्म! बाकी “Hi-Hello” आपकी किस्मत पर।
सच ये है कि ये ₹40 की राइड कई बार हजारों की टेंशन और जिंदगी भर की असुरक्षा दे जाती है। ये कोई तारीफ नहीं, ये “टेस्टिंग” है—देखें सामने वाला कितना झेल लेता है।
तो अगली बार जब “सस्ती और तेज” का बटन दबाओ, तो दिमाग में एक नोटिफिकेशन और ऑन रखना—“Privacy low battery!”
ब्लॉक करना बदतमीजी नहीं, सुरक्षा है। रिपोर्ट करना झंझट नहीं, जिम्मेदारी है।
क्योंकि याद रखो—
आप कस्टमर हो, किसी का टाइमपास कंटेंट नहीं! 🚫
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