Wednesday, May 6, 2026
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बदतमीज थानेदार निलम्बित, जनता के टैक्स के पैसे से मिलती है तनख्वाह, भूल गया था,वर्दी पहनकर समझने लगा शहंशाह

पुलिस का अमानवीय चेहरा दिबियापुर थाना में दिखा। जहां पति की मौत पर न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक बेवा की न सुनकर दारोगा ने उसे फटकार दिया। ट्रैक्टर-ट्राली छोड़े जाने की बात पर पीडि़ता ने पूछा तो कहा कि तुम डीएम हो एसपी हो या फिर कोर्ट। न्यायालय से आरोपित को जमानत मिली और वह ट्रैक्टर-ट्राली छुड़ा ले गया। बोलते-बोलते दारोगा होंठ के नीचे दबी तंबाकू को कुर्सी के बगल फरियादी के सामने थूक रहा था। इसका वीडियो बनाकर साथ आए रिश्तेदार ने एसपी को ट्वीट कर दिया। मामला संज्ञान में आते ही निलंबन की कार्रवाई की गई।

कानून व्यवस्था किसी भी सूरत में न बिगड़े और हर फरियादी की फरियाद को सुनते हुए उसका निस्तारण किया जाए, यह कोशिश योगी सरकार की है। जनसुनवाई पोर्टल से लेकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सामने आने वाले मामलों को तत्काल संज्ञान में लिया जा रहा। इसका असर दिबियापुर थाना में एक बेवा के साथ दारोगा विशंभर पांडेय द्वारा अशिष्ट व्यवहार किया गया। पीडि़ता अपने पति की मौत के मामले में हो रही जांच के सिलसिले में थाने पहुंची थी। उसने बताया कि 11 मार्च शुक्रवार की रात शटरिंग का काम कर उसका पति सहायल थाना क्षेत्र के पुर्वा क्षमा गांव निवासी 35 वर्षीय प्रताप पुत्र बलवंत घर लौट रहा था। बेला-दिबियापुर रोड पर ईंट लदी ट्राली समेत ट्रैक्टर आ रहा था। ट्राली पर क्षमता से ज्यादा ईंट लदी हुई थी।
रफ्तार तेज होने की वजह से चालक अनियंत्रित हो गया और बाइक को टक्कर मार दी। प्रताप को रौंदता हुआ निकल गया। जिसे राहगीरों ने कुछ दूरी पर जाकर पकड़ा। चालक के खिलाफ कार्रवाई हुई। उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। ट्रैक्टर-ट्राली को भी छोड़ दिया गया। इस पर पीडि़ता ने कहा कि निष्पक्ष तौर पर जांच नहीं की गई। इस पर दारोगा ने कहा कि जाओ, जहां जाना हो। दारोगा के बोल और बिगड़े, इस पर पीडि़ता भी गुस्से में आ गई और कहा कि महिला से इस तरह बात की जाती है। इस पर दारोगा कुर्सी छोड़ चले गए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टता में दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच सीओ सदर सुरेंद्र नाथ यादव को सौंपी गई है।

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