Thursday, May 7, 2026
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1 दिन की पुलिस रिमांड पर कथित विहिसिलब्लोअर,कोई बता रहा,दलाल,कोई ब्लैकमेलर,कोई घोटालेबाज, कोई सेटिंगबाज़, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और राहुल गांधी सबके सबूत का दावा 4 साल से

वो खुद को व्हिसिलब्लोअर कहता है पर कांग्रेस और आप पार्टी की टिकट के लिए सारे नियम ताक पर रख देता है।
वो मुख्यमंत्री की रिकार्डिंग की बात करता है
वो वर्तमान गृहमंत्री से 3 करोड़ वसूली की बात करता है
वो दस्तावेज में कूटरचना करता है

(ये ट्वीट डिलीट कर भागा था)

(मुख्यमंत्री पर आरोप)

(राहुल गांधी पर आरोप)

व्यापमं घोटाले के सन्देहास्पद व्हिसल ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय को कोर्ट ने एक दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। कोर्ट में करीब 2 घंटे तक दोनों पक्षों की बहस चली। न्यायाधीश कमल जोशी ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद डॉ. आनंद राय को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कल दोपहर 3 बजे डायरी के साथ डॉक्टर आनंद राय को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने 12 अप्रैल तक की रिमांड मांगी थी लेकिन भोपाल कोर्ट ने एक दिन की ही रिमांड दी है।

एट्रोसिटी एक्ट में गिरफ्तार किए गए डा. आनंद राय को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डा. सुमेर सिंह सोलंकी ने शहरी नक्सली और ब्लैकमेलर बताया है। उन्होंने कहा कि डा. राय जैसे लोग समाज के लिए नासूर हैं। उन्होंने समाज को तोड़ने, आपस में लड़ाने और प्रदेश के युवाओं को गुमराह किया है। अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने चरित्र अनुकूल न होने और कार्यपद्धति अलग होने के कारण उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है। ऐसे लोग योजना बनाकर प्रमुख संस्थाओं का उपयोग करते हैं और मिशन को अंजाम देते हैं।

 

खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी लक्ष्मण मरकाम ने एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कराई है। डा. सोलंकी ने कहा कि डा. राय की गिरफ्तारी उनके झूठे कारनामों की वजह से हुई है। सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने लगातार सरकार और समाज के विरुद्ध काम किया है। जब उनके बैंक खातों का विवरण बाहर आएगा तो अनेक वित्तीय अनियमितताएं सामने आएंगी। डा. सोलंकी ने कहा कि डा. राय के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

(सीएमओ) में उप सचिव लक्ष्मण सिंह मरकाम की शिकायत पर केके मिश्रा एवं डा आनंद राय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। राय ने ओएसडी के मोबाइल के स्क्रीन शॉट होने का दावा कर मप्र प्राथमिक शिक्षा पात्रता वर्ग-3 के प्रश्न पत्र लीक करने के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआइ जांच की मांग की थी। आनंद राय की इस पोस्ट का प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी केके मिश्रा ने भी समर्थन किया था।

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