NGO में काम करने वाली लड़कियों का रेप-जबरन धर्मांतरण, नमाज और हिजाब: नागपुर में NGO चीफ रियाज फाजिल काजी गिरफ्तार, फंडिंग की जाँच में जुटी ATS, पढ़ें करतूतें

नागपुर के उत्तर-पश्चिमी इलाके में गरीब बच्चों के लिए काम करने वाले एनजीओ के प्रमुख रियाज फाजिल काजी को जबरन धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मंकापुर पुलिस स्टेशन में शनिवार (18 अप्रैल 2026) की रात करीब 10 बजे दर्ज एफआईआर के आधार पर काजी को तुरंत हिरासत में लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफआईआर में कई युवा महिलाओं के साथ छेड़छाड़, जबरन नमाज पढ़वाने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाने और फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर स्टॉकिंग करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी अलग से जाँच शुरू कर दी है।
एनजीओ का नाम यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी है। यह 2010 से चल रहा है और मंकापुर स्लम इलाके में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक कार्य करता बताता है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया एक्टिविटी, अन्य कर्मचारियों और परिवार के बयान तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग की जाँच कर रही है।
मुख्य शिकायतकर्ता 23 वर्षीय महिला है, जो सितंबर 2023 से एनजीओ में एडमिनिस्ट्रेशन और एचआर हेड के पद पर काम कर रही थी। शिकायत के मुताबिक, 18 जुलाई 2024 को उसके जन्मदिन पर ऑफिस में पार्टी के बाद काजी ने उसे अपनी केबिन में बुलाया। वहाँ काजी ने उसे जबरन गले लगाया, माथे पर किस किया और कहा, “आज मैं तुम्हें छोड़ना नहीं चाहता।”
महिला ने डर के मारे विरोध नहीं किया। बाद में काजी ने बार-बार गले लगाने की कोशिश की और सीसीटीवी कैमरा भी बंद कर दिया। जब महिला ने विरोध किया तो काजी का व्यवहार रूखा हो गया। उन्होंने अकेले में छेड़छाड़ भी की और अन्य कर्मचारियों से उसकी निजी जानकारी जुटाई।
महिला की बड़ी बहन नवंबर 2025 में एनजीओ में असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर बनी थी। काजी ने उसे फील्ड विजिट के दौरान सुरक्षित यात्रा के लिए इस्लामी प्रार्थनाएँ पढ़ने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और नियमित नमाज के लिए मजबूर किया। बहन ने विरोध किया तो काजी ने शिकायतकर्ता के बारे में उसके सामने बदनाम करने वाली बातें कहीं। दो महीने में बहन ने नौकरी छोड़ दी।
एक 24 वर्षीय शिक्षिका समेत अन्य कर्मचारी भी काजी के व्यवहार से तंग आकर इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने गंदी नजरों और जबरन मजहबी रीति-रिवाज थोपने का आरोप लगाया है।
इसी मामले में 13 अप्रैल 2026 को काजी ने एक पूर्व कर्मचारी की माँ को फोन कर शिकायतकर्ता, उसकी बहन और उनके दोस्तों को ‘कॉल गर्ल्स’ और ‘प्रॉस्टिट्यूट’ बताया तथा ‘नाइट एक्टिविटीज’ में शामिल होने का आरोप लगाया। 17 अप्रैल को इस बातचीत की रिकॉर्डिंग सहकर्मियों में शेयर की गई। 18 अप्रैल को जब पीड़ित पक्ष ऑफिस पहुँचा तो वह बंद मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मंकापुर पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर हारेश कलसेकर ने कहा, “रविवार (19 अप्रैल 2026) को काजी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड दी है। हम हर एंगल से जाँच करेंगे।” उन्होंने बताया कि तीन महिलाएँ शिकायत दर्ज कराने आगे आई हैं और और भी कई बयान आने की संभावना है।






