दिग्विजय सिंह के खरगोन घटना को लेकर ट्वीट और बयानबाजी के पॉलिटिकल साइड इफेक्ट दिख रहे हैं. खरगोन हिंसा प्रभावित क्षेत्र में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह ने शिवराज सिंह और मोदी मुर्दाबाद का नारा लगाया तो जनता बिफर गई और दिग्गी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगी. मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि पूर्व मंत्री मुकेश नायक को मजबूरन जनता को सफाई देनी पड़ी और दिग्गी से किनारा करना पड़ा. मुकेश नायक बोले कि दिग्विजय का बयान कांग्रेस का नहीं उनका निजी बयान था.
जनता ने किया जबरदस्त विरोध
खरगोन दंगे को लेकर दिग्विजय सिंह के बयान और फेक ट्वीट का खामियाजा कांग्रेस पार्टी के नेताओं को खरगोन दौरे के दौरान उठाना पड़ा, जब नेताओं को जनता का जबरदस्त विरोध देखने को मिला. दरअसल पूर्व सीएम कमलनाथ के निर्देश पर खरगोन घटना की जांच के लिए गठित कमेटी जब खरगोन पहुंची तो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को जनता का भारी विरोध झेलना पड़ा. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने शिवराज सिंह चौहान और मोदी मुर्दाबाद का नारा लगाकर माहौल बनाने की कोशिश की तो सज्जन सिंह वर्मा को मुंह की खानी पड़ी. जनता बिखर गई और उल्टा दिग्विजय सिंह मुर्दाबाद के नारे इस कदर लगने लगे कि कांग्रेसी नेताओं को वहां से भागना पड़ा.
मामले ने इतना तूल पकड़ा कि मजबूरन स्थिति को हाथ से निकलते देख पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने खरगोन की जनता के बीच सफाई दी और कहा दिग्विजय सिंह का जो बयान है वह कांग्रेस पार्टी का बयान नहीं है, उनका निजी बयान है. दरअसल दिग्विजय सिंह ने खरगोन घटना को लेकर गलत फोटो ट्वीट किया था. इसके बाद मुस्लिमों पर कार्रवाई को एक पक्षीय कार्रवाई बताया था. इसके बाद भी उन्होंने लगातार कई अलग-अलग बयान दिए थे, जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं को विरोध खरगोन में भुगतना पड़ा.
Public revolt against the congress party leaders
Issue : R10TS
Location : Khargone ,MP
— narne kumar06 (@narne_kumar06) May 5, 2022
जनता ने जमकर खरी-खोटी सुनाई
उपद्रव पीड़ितों का दर्द सुनने गुरुवार को जिला मुख्यालय कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा. इस दौरान प्रतिनिधि मंडल को न सिर्फ उपद्रव पीड़ितों का बल्कि मुस्लिमों, हिंदू समाज, रघुवंशी समाज का भी विरोध का सामना करना पड़ा. दल में शामिल सदस्यों को जनता ने जमकर खरी-खोटी सुनाई और विधायक कार्यालय के सामने ही दिग्विजय सिंह, सज्जनसिंह वर्मा और कांग्रेस हाय-हाय के नारे लगाना शुरू कर दिए. बता दें कि 10 अप्रैल को खरगोन में हुए उपद्रव के 25वें दिन कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध बुधवार को हटाए थे. इसके तुरंत बाद गुरुवार को कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में शामिल पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, पूर्व मंत्री मुकेश नायक, पूर्व मंत्री व राजपुर विधायक बाला बच्चन, पूर्व सांसद गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी और कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष अलीम शेख वहां पहुंच गए. साथ में खरगोन विधायक रवि जोशी, महेश्वर विधायक डा. विजयलक्ष्मी साधौ और भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी भी मौजूद थीं.






