Thursday, May 7, 2026
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मध्यप्रदेश में एक और इस्लामिक आक्रमणकारियों की निशानी मिटेगी,शिवराज सिंह की तैयारी कांग्रेस दुखी

मध्य प्रदेश के एक और शहर का नाम बदलने की तैयारी चल रही है. जिसे लेकर सियासत शुरू हो गई है. बता दें कि सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलने की मांग हो रही है. जिस पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि विकास होता है तो बदलना चाहिए. वहीं बीजेपी ने कहा है कि सरकार मुगलों के प्रतीकों को खत्म कर रही है.

जीतू पटवारी ने कही ये बात
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने नसरुल्लागंज का नाम बदलने की चर्चाओं पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार नाम बदल कर नाम करना चाहती है. काम से नाम करना नहीं चाहते हैं. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि देश को बेच दिया. नाम बदलने से नसरुल्लागंज का विकास होता है तो नाम बदलना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि जिन शहरों का नाम बदला क्या उन शहरों का विकास हुआ?

बीजेपी विधायक का पलटवार
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तगड़ा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि सरकार मुगलों के प्रतीकों को खत्म कर रही है. नसरुल्लागंज के स्थानीय लोगों की मांग थी कि नाम बदला जाए. जिस पर मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है. भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस के लोग मुगलों के ताबीज पहनकर पैदा हुए हैं. ऐसे नामों से कांग्रेस को मोह है लेकिन हमारी सरकार सड़क पानी बिजली और विकास के साथ ही मुगलों के प्रतीकों को भी खत्म कर रही है. भाजपा विधायक ने कहा कि देखते जाइए और क्या-क्या बदलता है. नसरुल्लागंज का प्राचीन नाम भैरूंदा रहा है.

बता दें कि नसरुल्लागंज के स्थानीय निवासी लंबे समय से शहर का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. बीते दिनों वहां के स्थानीय निवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था. इससे पहले भी नाम बदलने की मांग को लेकर कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं. जिसके बाद सीएम ने नसरुल्लागंज का नाम बदलने का ऐलान किया था. नसरुल्लागंज का पुराना नाम भैरूंदा था. अब फिर से इसे भैरूंदा करने की मांग हो रही है. राज्य सरकार ने भी इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है.

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