कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। ऐसे में पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और खासकर गांधी खानदान की जगह किसी दूसरे को कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग लगातार उठ रही है। ऐसे में कांग्रेस चलाने वाले खानदान की प्रमुख सोनिया गांधी ने नया पैंतरा चला है। उन्होंने गांधी खानदान को कांग्रेस नेतृत्व से हटाने की मांग करने वाले पार्टी के 23 नेताओं के गुट जी-23 को अहम जिम्मेदारियां सौंपकर उन्हें मनाने की कोशिश की है। बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में 13 से 15 मई तक कांग्रेस का चिंतन शिविर होने जा रहा है। इसमें पार्टी संगठन में बदलाव समेत कई मसलों पर चर्चा भी करेगी और 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति भी बनाएगी। इससे पहले सोनिया का कदम विरोध की आवाजों को बंद करने की कोशिश मानी जा रही है।
कांग्रेस ने अपने चिंतन शिवर का नाम ‘नव संकल्प चिंतन शिविर’ रखा है। शिविर के लिए सोनिया ने 6 कमेटी बनाई हैं। इनके लिए 54 नाम तय किए गए हैं। इन नामों में जी-23 के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और शशि थरूर को अहम जगह दी गई है। वहीं, राजनीतिक मामलों की कमेटी के संयोजक मल्लिकार्जुन खड़गे को बनाया है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण को भी एक कमेटी में रखा गया है। आर्थिक मामलों की कमेटी के चीफ पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम बने हैं। आनंद शर्मा और सचिन पायलट को भी इसमें जगह मिली है।
सामाजिक न्याय संबंधी कमेटी के चीफ सलमान खुर्शीद होंगे। मुकुल वासनिक संगठन संबंधी कमेटी के चीफ बनाए गए हैं। किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने वाली कमेटी के चीफ भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं। युवाओं के मसलों पर चिंतन के लिए बनी कमेटी के चीफ राजा वडिंग रहेंगे। सोनिया गांधी ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जोरदार पराजय के बाद चिंतन शिविर कराने का फैसला किया था। इससे पहले साल 2013 में कांग्रेस का चिंतन शिविर जयपुर में हुआ था। जिसके बाद से ही कांग्रेस लगातार चुनाव गंवा रही है।
Congress Chintan Shivir: राजस्थान में होगा कांग्रेस का चिंतन शिविर, 6 समन्वय समितियां गठित
Congress Chintan Shivir: कांग्रेस को कई राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा है. अब इसे लेकर कांग्रेस एक चिंतन शिविर का आयोजन करने जा रही है. कांग्रेस का ये चिंतन शिविर 13 मई से लेकर 15 मई तक राजस्थान के उदयपुर में होगा. इससे पहले पार्टी की तरफ से तमाम तरह की तैयारियां की जा चुकी हैं. कांग्रेस ने अपने इस चिंतन शिविर के लिए 6 अलग-अलग कमेटियों का गठन किया है.
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
हर कमेटी एक मुद्दे पर चर्चा करेगी. जिन मुद्दों पर चर्चा होनी है, उनमें किसान और कृषि, युवा और बेरोजगारी, संगठनात्मक प्रस्ताव, सोशल एंपावरमेंट, इकनॉमिक स्टेट और पॉलिटकल अफेयर्स जैसे मुद्दे शामिल हैं. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राजनीतिक मामलों की समन्वय समिति के संयोजक होंगे. कांग्रेस के जी23 के प्रमुख सदस्य गुलाम नबी आजाद एवं शशि थरूर, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, लोकसभा सदस्य उत्तम कुमार रेड्डी, गौरव गोगोई, सप्तगिरी उलका, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा और रागिनी नायक भी इस समिति में शामिल हैं.
सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मामलों की समन्वय समिति
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद कांग्रेस की सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मामलों की समन्वय समिति के संयोजक बनाए गए हैं. मीरा कुमार, दिग्विजय सिंह, कुमारी सैलजा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, नबम तुकी, नारायणभाई राठवा, एंटो एंटनी और के. राजू भी इस समिति में शामिल किए गए हैं.
अर्थव्यवस्था संबंधी समन्वय समिति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम अर्थव्यवस्था संबंधी समन्वय समिति के संयोजक होंगे. इसमें G23 के दो सदस्यों आनंद शर्मा एवं मनीष तिवारी, सचिन पायलट, राजीव गौड़ा, परिनीति शिंदे, गौरव वल्लभ और सुप्रिया श्रीनेत को शामिल किया गया है.
संगठन के मामलों की समन्वय समिति
कांग्रेस महासचिव और G23 के एक और सदस्य मुकुल वासनिक को संगठन के मामलों की समन्वय समिति का संयोजक बनाया गया है. इसमें अजय माकन, तारिक अनवर, रमेश चेन्निथाला, रणदीप सुरजेवाला, अधीर रंजन चौधरी, नेटा डिसूजा और मीनाक्षी नटराजन को भी जगह दी गई है.
किसान एवं कृषि से संबंधित समन्वय समिति
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और G23 के सदस्य भूपेंद्र सिंह हुड्डा को किसान एवं कृषि से संबंधित समन्वय समिति का संयोजक बनाया गया है. इसमें G23 के सदस्य एवं राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह के अलावा टी एस सिंह देव, शक्ति सिंह गोहिल, नाना पटोले, प्रताप सिंह बाजवा, अरुण यादव, गीता कोड़ा और अजय कुमार लल्लू को भी शामिल किया गया है.
युवा एवं सशक्तीकरण मामलों की समन्वय समिति
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राज वडिंग को युवा एवं सशक्तीकरण मामलों की समन्वय समिति का संयोजक बनाया गया है. इसमें श्रीनिवास बीवी, नीरज कुंदन, कृष्ण बायरे गौड़ा, कृष्णा अल्लावरू, अलका लांबा, रोजी एम जॉन, अभिषेक दत्त, करिश्मा ठाकुर और अंकिता दत्ता को शामिल किया गया है.
बुलाई जा सकती है महासचिवों की बैठक
सूत्रों के अनुसार तारीख और जगह तय होने के बाद भी कम से कम से 15 से 20 दिनों का समय चिंतन शिविर की तैयारियों के लिए लगेगा। उम्मीद है कि मई के मध्य में शिविर आयोजित होगा। इससे पहले महासचिवों की एक तैयारी बैठक भी बुलाई जाएगी।
पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि पार्टी चिंतन शिविर आयोजित कर पूरे देश के नेताओं को बुलाकर उनके सुझाव, हार के कारणों की समीक्षा, शिकायतों और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय करेगी।
नौ साल पहले भी राजस्थान में आयोजित हुआ था शिविर
खास बात ये है कि नौ साल पहले भी कांग्रेस का चिंतन शिविर राजस्थान में आयोजित किया गया था। इसी तरह का चिंतन शिविर साल 2013 में जयपुर हुआ था। उस समय शिविर में 2014 के लोकसभा चुनाव में जाने की तैयारियों और रणनीति को लेकर चर्चा की गई थी। तब राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। संयोग है कि तब भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही थे। इसके साथ ही राजस्थान में एक अन्य चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान माउंट आबू में आठ से नौ नवंबर 2002 को 14 कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी।





