उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव (UP MLC Election) के परिणाम आ चुके हैं. उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 27 सीटों के लिए बीती 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. वैसे तो चुनाव कुल 36 सीटों पर होना था, लेकिन 9 सीटों पर पहले ही निर्विरोध उम्मीदवार चुन लिए गए थे. जिन उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया, वो सभी बीजेपी के हैं. 36 सीटों के इस चुनाव में सपा को एक भी सीट नहीं मिली है. 33 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार काबिज हुए हैं, वहीं दो सीटों वाराणसी और आजमगढ़ पर निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत हुई है. और प्रतापगढ़ सीट पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी के उम्मीदवार की जीत हुई है.
इस बार के चुनाव की चर्चित सीटों की अगर बात करें, तो वाराणसी सीट से माफिया डॉन बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने जीत हासिल कर ली है. अन्नपूर्णा सिंह निर्दलीय खड़ी हुई थीं. रिजल्ट की बात करें तो इस सीट पर अन्नपूर्णा सिंह को कुल 4 हज़ार 234 वोट मिले. इस सीट पर सपा के उमेश यादव 345 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे. वहीं बीजेपी के सुदामा पटेल 170 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे.
दूसरे निर्दलीय विजयी प्रत्याशी हैं विक्रांत सिंह रीशू. ख़बरों के मुताबिक़, विक्रांत पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह के बेटे हैं. वोट मिले 4 हज़ार 76. सामने थे भाजपा के अरूणकांत यादव जिन्हें 1 हज़ार 262 विट मिले, वहीं सपा के राकेश यादव को 356 वोट मिले.
इस चुनाव में प्रतापगढ़ सीट की भी काफी चर्चा हुई. इस सीट पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी से उतरे अक्षय प्रताप सिंह उर्फ़ गोपाल जी ने जीत हासिल कर ली है. वो राजा भैया के क़रीबी माने जाते हैं. उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार हरी प्रताप सिंह को हराया. गोपालजी को वोट मिले 1 हज़ार 721. भाजपा के हरिप्रताप सिंह को मिले 614 वोट और सपा प्रत्याशी विजय यादव को मिले 380 वोट.
पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पार्टी का सबसे बड़ा झटका लगा है। यहां से माफिया बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में जीत हासिल की है। आइए जानते हैं कौन है अन्नपूर्णा सिंह..।
कौन हैं अन्नपूर्णा सिंह
अन्नपूर्णा सिंह, बृजेश सिंह की पत्नी है और दोनों की शादी 1991 में हुई थी। दोनों के दो बेटे सागर और सिद्धार्थ हैं। एक बेटी भी है जिनकी शादी हो चुकी है। दोनों बच्चों की अभी शादी नहीं हुई है। अन्नपूर्णा देवी सरल स्वभाव की और समाज में लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। अन्नपूर्णा सिंह का पूरा परिवार भारतीय जनता पार्टी में है। अन्नपूर्णा भी कई मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, वो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दूसरी बार एमएलसी बन ही है। इससे पहले वो 2010 में बसपा के टिकट पर एमएलसी बनी थी।
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में पार्टी की मिली करारी मात
भाजपा के गढ़ और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पार्टी को करारी मात मिली है। वाराणसी-चंदौली-भदोही सीट पर भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे। इस सीट से माफिया बृजेश सिंह की पत्नी व निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। अन्नपूर्णा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी सुदामा पटेल को करारी मात दी है। बता दें कि अन्नपूर्णा सिंह को 2058 वोट मिले हैं, जबकि सपा प्रत्याशी उमेश यादव 171 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर है। भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल 103 वोटों के साथ तीसर नंबर पर हैं।
पिछले 24 सालों से है बृजेश के परिवार का कब्जा
आपको बता दें कि पिछले दो दशक से एमएलसी सीट पर माफिया बृजेश सिंह के परिवार का कब्जा है। पिछली बार 2016 के एमएलसी चुनावव में निर्दलीय बृजेश सिंह खुद मैदान में उतरे थे। जिन्हें बीजेपी ने वॉकओवर देते हुए अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था। इससे पहले दो बार बृजेश सिंह के भाई बीजेपी के टिकट पर जीत चुके हैं तो एक बार उनकी पत्नी अन्नपूर्ण सिंह बीएसपी के टिकट पर एमएलसी रही हैं। इस तरह से पिछले 24 सालों से उन्हीं के परिवार के पास यह सीट है।
BJP के जीते हुए नाम
रायबरेली सीट पर बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह ने सपा के बीरेंद्र यादव को हरा दिया और देवरिया-कुशीनगर सीट पर सपा के उम्मीदवार डॉक्टर कफील खान की हार गए. उन्हें बीजेपी के डॉक्टर रतनपाल सिंह ने हराया.
लखनऊ-उन्नाव सीट से रामचंद्र प्रधान, रामपुर-बरेली से महाराज सिंह, बाराबंकी से अंगद कुमार सिंह, आगरा-फिरोजाबाद से विजय शिवहरे, बलिया से रविशंकर सिंह पप्पू, सीतापुर से पवन सिंह चौहान, सुल्तानपुर से शैलेन्द्र प्रताप सिंह, बहराइच-श्रावस्ती से प्रज्ञा त्रिपाठी और कानपुर-फतेहपुर से अविनाश सिंह चौहान विधान परिषद के लिए चुने गए हैं. ये सभी जीते प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं.
इसके अलावा बीजेपी के दूसरे जीते नेताओं में गोंडा से अवधेश कुमार सिंह, बस्ती-सिद्धार्थनगर से सुभाष यदुवंश, गोरखपुर-महाराजगंज से सीपी चंद, इटावा-फर्रुखाबाद प्रांशु दत्त, इलाहाबाद से डॉक्टर केपी श्रीवास्तव, जौनपुर से बृजेश सिंह प्रिंसू, फैजाबाद से हरिओम पांडे, मेरठ-गाजियाबाद से धर्मेंद्र भारद्वाज, झांसी-जालौन से रमा निरंजन, गाजीपुर से विशाल सिंह चंचल और मुरादाबाद-बिजनौर से सतपाल सैनी की जीत शामिल है.





