मेरी समझ कहती है कि कुछ तो बहुत अपशकुनी, बहुत बड़ा होने वाला है।
इन तीन खबरों को देखिए
1) राहुल गांधी जर्मनी गए और वहां उन्होंने भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की खूब बुराई की, ख़ासकर Defence में मैन्युफैक्चरिंग की
2) महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान (07 मई) को कह रहे थे कि भारत ने पाकिस्तान के आतंक के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। वे 2 घंटे के अंदर पाकिस्तान के 08 एयरबेस तबाह होने को भारत का पराक्रम बता रहे थे।
अब वही पृथ्वीराज चव्हाण कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारत बुरी तरह हारा था। हमारी एयरफोर्स डर कर दुबक गई थी और हमारे प्लेन उड़ने के लिए तैयार नहीं थे। अगर उड़ते तो मार गिराए जाते।
3) संजय राउत का दावा है कि 19 दिसंबर को कुछ बड़ा होगा। इतना बड़ा कि नरेंद्र मोदी के लिए प्रधानमंत्री पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा।
अब इन तीनों खबरों के dots जोड़कर देखिए। मुझे लगता है कि 19 दिसंबर को विदेश की धरती से कोई “ostensibly classified” फाइल्स आएगी जो भारत के डिफेंस इंडस्ट्री के बारे में होगी। उस Classified फाइल्स में क्या होगा ये तो नहीं पता, पर डिफेंस सेक्टर में भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई बात हो सकती है….”बोफोर्स की तरह..”
जर्मनी और अमेरिका लंबे अरसे से भारत को अपने हथियार और फाइटर जेट्स बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारत खरीद रहा है रूस, इजराइल और फ्रांस से। अगर ये साबित किया जा सके कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भारत के डिफेंस इक्विपमेंट्स पाकिस्तानियों से कमतर थे और इसी कारण हमारी हार हुई तो भारत सरकार को मजबूर किया जा सकता है कि वे अमेरिकी और जर्मन हथियार खरीदे।
19 दिसंबर को आए Classified Files को दुनिया भर में प्रचारित करने में अमेरिका, यूरोप और चीन का फायदा है।
चीन का एयर डिफेंस सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बुरी तरह फ्लॉप रहा था। पाकिस्तान को चीन ने जो मिसाइल और ड्रोन्स दिए थे, वो भारत की खेतों में ईंट- पत्थर की तरह गिर रहे थे।
चीन भी दुनिया भर में अपने हथियार खरीददारों को कह सकेगा कि देखो, अब तो भारत में भी उसके हथियारों को लेकर हंगामा है। यूरोप और अमेरिका की Classified Files भी कह रही है कि भारत हारा था।
अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया खूब शोर मचाएगी। भारत में कांग्रेसी खूब नाचेंगे ।
लेकिन मुझे विश्वास है कि “सोनिया के पाड़ा” की ये साज़िश भी विफल होगी।
सोशल मीडिया की कलम से






