Wednesday, May 6, 2026
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बच गया भोपाल,6 कटटर इस्लामिक आतंकवादी गिरफ्तार, कई बम धमाकों में शामिल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। खुफिया एजेंसी ने ऐशबाग थाना इलाके से 6 आतंकियों को हिरासत में लिया है, इसके साथ ही भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। आतंकी ऐशबाग थाना क्षेत्र में स्थित फातिमा मस्जिद के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे।

खुफिया एजेंसियों ने ऑपरेशन चलाकर ऐशबाग थाना क्षेत्र की अहमदअली कॉलोनी, गली नम्बर चार से आंतकियों को गिरफ्तार किया है। उस बिल्डिंग से धार्मिक साहित्य, 12 से अधिक लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं। खुफिया एजेंसी ने इस ऑपरेशन के अलावा करोद इलाके में भी छापा मारा है। वहां से लोकल मॉड्यूल के एक आतंकी की गिरफ्तारी होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने छुपने के लिए यहां ठिकाना बनाया था।

चश्मदीद ने बताया कि देर रात 3 बजे 50 से 60 पुलिसकर्मी आए और दरवाजे का ताला तोड़ दिया। गिरफ्तारी के बाद उस कमरे को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। वहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। पड़ोसी का कहना है कि करीब तीन महीने से ये लोग यहां किराए पर रह रहे थे।
बता दें कि खुफिया एजेंसी ने आतंकियों को पकड़ने के ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा। स्थानीय थाने को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। बिल्डिंग में सभी किराएदार परिवार रहते हैं, नीचे वाले मकान का किराएदार भी गायब हैं। उस नगर में दहशत का माहौल है। कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। बस सिर्फ लोगों का इतना कहना है कि यह बिल्डिंग 70 साल की नायाब जहां की है। फिलहाल, गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ की जा रही है।

जमात उल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन के गिरफ्तार किए गए आतंकी राजधानी में आलिम बनकर स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। उन्होंने आलिम की पढ़ाई करने के नाम पर ही मकान भी किराए से लिए थे। वे सिर्फ नमाज पढ़ने के नाम पर घर से निकलते थे। मोहल्ले के किसी भी व्यक्ति से न तो बात करते थे और न ही किसी से मिलते-जुलते थे। उनकी गतिविधियों पर आशंका होने के बाद भी मकान मालकिन नायाब जहां ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। ऐशबाग की फतिमा मस्जिद की गली नंबर चार के पास दो आतंकियों ने तीन माह पहले मकान किराये पर लिया था। मकान मलकिन नायाब जहां के मुताबिक उसने कंप्यूटर मैकेनिक सलमान के कहने पर दोनों आतंकियों को मकान किराये पर दिया था। उस दौरान उन्होंने बताया था कि वे यहां आलिम (धार्मिक शिक्षा) की पढ़ाई करने यहां आए हैं। एक ने अपना नाम अहमद आलिम बताया था और दूसरे को मुफ्ती साहब कहते थे।

मकान किराए पर देने के बाद कई बार उनसे पहचान पत्र आधार कार्ड देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने नहीं दिया। जिस पर उनसे मकान खाली करने के लिए भी कहा था लेकिन उन्होंने मकान भी खाली नहीं किया। नायाब जहां ने बताया कि रात में जब एटीएस की दबिश पड़ी तो अचानक से शोर-शराबा सुनकर उनकी नींद खुली। पहले लगा कि दोनों युवक विवाद कर रहे हैं। देखा तो पुलिस दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने हमें कमरे के अंदर रहने के लिए कहा और बोले- उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। बस इन दोनों को लेने के लिए आए हैं।

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बर्धमान धमाकों का आरोपित इंदौर से पकड़ा जा चुका है
जेएमबी संगठन का कभी कोई आतंकी मप्र में नहीं पकड़ा गया है, लेकिन बर्धमान बम धमाकों का दोषी आतंकी जहिरउद्दीन शेख इंदौर के आजाद नगर की कोहिनूर कालोनी से 2019 में गिरफ्तार किया जा चुका था। वह पेंटर बनकर छिपा हुआ था। जहिरउद्दीन को गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल ले जाया गया था।

पुलिस वाले ने सिर पर तानी बंदूक

नायाब जहां के ही मकान की तीसरी मंजिल पर किराये से रहने वाले सईद खां ने बताया कि रात तीन बजे नींद खुली तो पुलिस वाले सामने खड़े थे। एक पुलिसकर्मी ने सिर पर बंदूक तान दी, उसके बाद मेरा नाम पूछा और मेरा मोबाइल छीन लिया। उसके बाद नीचे लेकर आए। नाम और पता आदि लिखवाने के बाद मोबाइल साथ लेकर चले गए।

मकान दिलवाने वाले से भी हो रही पूछताछ
ऐशबाग में मकान दिलवाने वाले मैकेनिक सलमान से भी एटीएस द्वारा पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि एटीएस को सलमान के भी जेएमबी की गतिविधियों में मदद करने का अंदेशा है। उससे यह जानकारी ली जा रही है कि वह दोनों आतंकियों के संपर्क में कहां और कैसे आया। सूत्रों के मुताबिक भोपाल में स्लीपर सेल तैयार करने में जुटे चारों आतंकियों ने भीड़भाड़ वाला इलाका और घनी बस्ती सिर्फ इसलिए चुनी थी, ताकि उन पर कोई शक न करे।

जेएमबी द्वारा अपनी विचारधारा से युवाओं को जोड़ने के लिए इन चारों बांग्लादेशियों को भेजा गया था लेकिन उनके साथ आने के लिए अब तक कोई आगे नहीं आया। इस बात से यह चारों आतंकी परेशान थे। आतंकियों से जब्त किए गए लैपटाप और टैबलेट से यह साफ हो रहा है कि उन्हें बड़ी फंडिंग की जाती रही है, जो पूछताछ का अहम हिस्सा है। एटीएस यह भी जानकारी जुटा रही है कि मध्य प्रदेश के किन-किन शहरों में इनके लोग मौजूद हैं। अन्य राज्यों की पुलिस से इन आतंकियों की जानकारी साझा कर सुराग एकत्र किए जा रहे हैं।

विदिशा के हैदरगढ़ का शहवान भी हिरासत में
ऐशबाग के अलावा करोंद के जनता क्वार्टर इलाके में खातिजा मस्जिद के पास एक मंजिल के मकान में रह रहे संदिग्ध आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया। शहवान नाम का यह युवक विदिशा के हैदरगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हैदरगढ़ में शहवान का परिवार मस्जिद के पास रहता है। उसके पिता खेती करते हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पुलिस द्वारा शहवान को ले जाने की खबर मिलते ही पूरा परिवार भोपाल रवाना हो गया है। रविवार को दिनभर उनके घर पर ताला लगा हुआ था। शहवान के स्वजनों के मोबाइल फोन भी बंद थे। शहवान ने भोपाल में रहकर पढ़ाई की और मदरसे में आलिम बन गया.

 

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