ये है डॉक्टर इश्तियाक अहमद.. रांची के प्रतिष्ठित मेडिका हॉस्पिटल में बतौर रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत
.. रिम्स,रांची से MBBS MD का टॉपर। मेडिका में छः साल से कार्यरत… हजारीबाग में खुद का क्लिनिक। चान्हो में भी एक नर्सिंग होम।
मेडिका और अपने क्लिनिक में कार्य के दौरान बहुत ही शांत, सौम्य और डिसेंट व्यवहार।
लेकिन इसका ये डॉक्टरी का काम सेकेंडरी काम था, प्राइमरी काम कुछ और था।
“अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट” मॉड्यूल का ये सरगना था। रांची के जोड़ा तालाब के फ्लैट में रह के ये सारा नेटवर्क चलाता था।
राजस्थान के भिवाड़ी में जा कर हथियार चलाने की ट्रेनिंग ले कर आया था। मक़सद क्या था ??
भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाना.. ख़लीफ़ा का शासन स्थापित करना।
इसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, राजस्थान तक फैल गया था.. टीम तैयार हो जाने के बाद इसको “ख़िलाफ़त” की घोषणा करना था जिसके तहत देश भर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की थी।
.. लेकिन राजस्थान के भिवाड़ी से जैसे ही 6 जन हथियारों के साथ धराएं इनका प्लान बाहर आ गया.. इन सभी का कनेक्शन झारखंड से निकला।
फिर एटीएस ने देश भर में छापे मारने स्टार्ट किया और 14 लोगों को हिरासत में लिया। इस डॉक्टर को इसके अपार्टमेंट से धर दबोचा गया। इसके पास कई डॉक्यूमेंट और लैपटॉप मिले और साथ ही साथ AK-47 भी।
ये आज से डेढ़ वर्ष पहले की घटना है।
तो आज मैं इसका जिक्र क्यों कर रहा हूँ..??
आज इसलिए कि जो तीन दीन के सिपाही एमडीएस लड़की के दुष्कर्म में शामिल है मतलब मोहम्मद दानिश खान, मोहम्मद फ़हद मलिक और मोहम्मद शादाब ये सभी इसी डॉक्टर के चेले हैं।
मेडिकल लाइन से जुड़ी छात्राओं और प्रोफेशनल्स को किस प्रकार से और कैसे ग्रूम करना है या जाल में फंसाया जा सकता है का ट्रेनिंग देता था।
अपनी प्रोफेशनल पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल अपनी जूनियर्स के साथ करता था और इनसे मिलवाता था। फिर ये ईमान के पक्के लश्कर अपने मक़सद में लग जाते थे।
नेपाली लड़की सगुन और एमडीएस छात्रा के मध्य पता नहीं कितनी ही लड़कियां इनके शिकार बनी है।
अब जब ये गिरफ्त में है तो अच्छे से उगलवाना चाहिए। और इनकी करतूतें करीने से बतानी चाहिए।






