Monday, August 17, 2026
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सीरियल किलर राजा कलंदर को उम्रकैद,14 हत्या का आरोप,पत्नी का नाम फूलन देवी, बेटों के नाम अदालत और जमानत

पत्रकार धीरेन्द्र सिंह समेत चौदह लोगों की हत्या आरोपी सीरियल किलर राजा कलन्दर और उसके साले को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने दोषी करार दिया है. इन दोनों को लखनऊ की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, लखनऊ की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने करीब 25 सालों तक चली सुनवाई के बाद आज अपना फैसला सुनाया है.

सीरियल किलर राजा कलन्दर के घर जब न्यूज़ टीम पहुंची तो राजा कलन्दर के घर पर लखनऊ के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले के बाद सन्नाटा पसरा हुआ था. एबीपी की टीम ने राजा कलन्दर के नाती शशांक सिंह से बात की तो उसने बताया कि इस फैसले से वह बिल्कुल भी खुश नहीं हैं, पहले भी वह भी 25 सालों से जेल में सजा काट रहे हैं.

नाती शशांक सिंह ने बताया कि उसके नाना 25 साल से जेल में हैं, नाती शशांक सिंह अपने नानी और मामा के साथ कई बार जाकर अपने नाना से जेल में कई बार मिल चुका है. हालांकि वो इस फैसले से काफी निराश है, नाती शशांक सिंह ने कहा कि उसके नाना पहले से ही 25 साल जेल में बीता चुके है. ऐसे में उम्रकैद की सजा में भी अब तक उन्हें जेल से बाहर आ जाना चाहिए था लेकिन इस मामले में सजा सुनाई जाने के बाद एक बार फिर से राजा कलन्दर की जेल से बाहर आने की उम्मीदें टूट गई.

सीरियल किलर राजा कलन्दर का बैकग्राउंड 

राजा कलन्दर के बारे में कहा जाता है कि उसे जो भी शख्स पसंद नहीं आता था. उसे वह अपने फार्म हाउस या आस-पास की जगहों पर बुलाकर बेरहमी से कत्ल कर देता था और लाश के टुकड़े टुकड़े कर उसके कुछ हिस्से को फार्म हाउस में छिपा देता था. जबकि कुछ को मध्य प्रदेश व यूपी के जंगलों व नदियों में फेंक देता था. राजा कलन्दर इतना बेरहम था कि उसने कई लोगों को मारने के बाद उनकी खोपड़ी का मांस भी भूनकर खाया हुआ था.

वह कत्ल करने वाले लोगों की खोपड़ी को वह फॉर्म हाउस के एक पेड़ पर टांग देता था. हालांकि सजा सुनाए जाने से पहले अदालत में लाए जाने पर वह खुद को बेगुनाह बताता रहा उसका कहना था कि उसे सियासी रंजिश की वजह से फंसाया गया है. तमाम पत्रकारों और गांव वालों की मौजूदगी में की गई छापेमारी में फॉर्म हाउस से चौदह नर कंकाल बरामद होने की बात पर वह कोई जवाब नहीं दे सका.

आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता था राजा कलन्दर

राजा कलन्दर का असली नाम राम निरंजन है और वह आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता था. एक मामूली कर्मचारी होने के बावजूद वह खुद को राजा ही समझता था उसका कहना था कि जो आदमी उसे पसंद नहीं आता उसे वह अपनी अदालत में सजा देता था. अजीब सोच के इंसान राजा कलन्दर ने अपनी पत्नी का नाम फूलन देवी और दोनों बेटों के नाम अदालत व जमानत रखे हुए था.

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