धूमनगंज थाना क्षेत्र के मीरापट्टी मोहल्ले में रहने वाला दीपक विश्वकर्मा पिछले आठ साल से प्रापर्टी डीलिंग का काम कर रहा है। उसक कालिंदीपुरम जागृति विहार के पास नौ सौ स्क्वायर फीट जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि बुधवार दोपहर इमरान अपने लखनपुर निवासी साथी सुल्तान अहमद, कसारी-मसारी के यासिर, करेली के रसूल को लेकर कार से दोस्त दीपक के घर गया।
चाय-नाश्ता मंगाया तभी दस्तखत के लिए दबाव डालने पर बिगड़ी बात
वहां ड्राइंग रूम में बैठने के बाद दीपक ने सभी के लिए चाय, नमकीन, बिस्कुट मंगवाया और बातचीत होने लगी। आरोप है कि इसी बीच एक शख्स ने स्टांप पेपर निकाला और असलहे के दम पर दीपक से जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाने लगे। इसको लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ तो पिस्टल सटाकर धमकी दी गई। तब तक किसी ने मिर्च पाउडर उड़ेल दिया और फिर दीपक ने विपक्षी से पिस्टल छीनकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही यासिर व सुल्तान मकान के भीतर ही जमीन पर गिर पड़े तो बाकी लोग इधर-उधर भागने लगे।
रसूल ने बाहर भागकर दी खबर तो पहुंची पुलिस
रसूल भी बाहर निकला और पुलिस को खबर दी। गोलियों की आवाज सुन मोहल्ले में सनसनी फैल गई। थोड़ी ही देर में एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ व धूमनगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भिजवाया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
भागने से पहले दीपक को दबोचा
गोली मारने के बाद दीपक फरार होता, इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। जबकि दूसरे पक्ष का रसूल वहीं पर मौजूद था। चश्मदीद रसूल से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो बयान में विरोधाभास मिला, जिसके आधार पर भूमिका को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में ले लिया गया। फिर दबिश देकर इमरान को भी पकड़ लिया गया।
एसएसपी प्रयागराज ने मीडिया को बताया कि आरोपी दीपक विश्वकर्मा को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया है और और प्रारंभिक पूंछताछ में उसने बताया कि वह पिछले 7-8 सालों से इमरान अली के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। आज बुधवार घटना के दिन इमरान अपने 3 अन्य साथियों के साथ दीपक विश्कर्मा के घर आया था और जबरदस्ती एक सादे स्टैम्प पेपर पर साइन करवाना चाहता था। इसी बात को लेकर दीपक और इमरान के बीच गरमा गरमी शुरु हो गयी और फायरिंग तक कि नौबत आ गयी।
इमरान अली और उसके तीन साथियों ने असलहे निकाल लिए और इसी बीच अपने बचाव में दीपक विश्वकर्मा ने उनके हाथ से पिस्टल छीनकर इमारन और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में दो लोगों को गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। जबकि इमरान अहमद और रसूल अहमद जान बचाकर मौके से भाग निकले जिनको पुलिस ने कुछ ही समय मे गिरफ्तार कर लिया।
दीपक विश्वकर्मा के घर से 2 तमंचे और 2 पिस्तौल बरामद की गई है जिन्हें इमरान और उसके तीन साथी अपने साथ लाये थे। मौके से स्टैम्प पेपर और पैड भी मिला है। मरने वाले दोनों व्यक्तियों के नाम क्रमशः यासिर और उमर बताये जा रहे हैं। प्रयागराज एसएसपी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में मौके पर मिले साक्ष्य और गबाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। किसी भी सूरत में किसी भी दोषी को कतई बख्शा नही जाएगा।
प्रयागराज के मीरापट्टी धूमनगंज में बुधवार दोपहर प्रॉपर्टी डीलर दीपक विश्वकर्मा के घर पर प्रॉपर्टी का काम करने वाले रसूल, यासिद, सुल्तान और इमरान पहुंचे। उन लोगों ने स्टैम्प पेपर पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराने की कोशिश की।
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि इस दौरान छीना झपटी हुई और दीपक विश्वकर्मा ने दबंगों की पिस्टल छीन कर गोली मार दी। दोनों पक्षों से गोली चली। दीपक गोली मारते हुए भाग निकला । इस घटना में यासिद और सुल्तान की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी दीपक विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा रसूल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चार असलहा बरामद किया है। फिंगरप्रिंट की मदद से पुलिस जांच कर रही है।





