2 दिन पहले जर्मनी में गे प्राइड परेड में तेज स्पीड में ट्रक घुसा कर एक की हत्या करने वाला और 30 को बुरी तरह से घायल करने वाला जिसमें से 15 वेंटिलेटर पर है …..
उस अब्दुल बालूट का जर्मन पुलिस ने एनकाउंटर करके मार गिराया …….
अब्दुल बालूट लीबिया में पैदा हुआ था और जर्मनी में यह कहकर शरण लिया था कि लीबिया के गृह युद्ध से वह परेशान है वह भूखमरी की स्थिति में है उसे जर्मनी में शरण चाहिए.…… और जर्मनी की वामपंथी सरकार ने उसे शरण दे दिया जर्मनी में उसे रिफ्यूजी को दिए जाने वाला पैसा भी मिलता था उसके अलावा यह ट्रक चला कर भी पैसे कमाता था….. और उसके बाद उसने पूरी प्लानिंग किया कि जर्मनी का इस्लामीकरण कैसे किया जाए ….
इसके फ्लैट पर पुलिस ने जब तलाशी लिया तब इसने बाकायदा एक डायरी बनाया था और लिखा था कि हमारे इस्लाम में गे कल्चर प्रतिबंधित है और जर्मनी में यह जो जगह-जगह गे प्राइड रैली निकलती है उसे देखकर इस दुख होता है, और यह पहले बहुत बड़ा हमला करने की प्लानिंग बना रहा था लेकिन इस हथियार नहीं मिला फिर उसने तेज ट्रक चला कर ही लोगों को मारने की प्लानिंग किया।
आप भारत में गे प्राइड रैली में देखना हिंदू धर्म के खिलाफ आपको बड़े-बड़े बैनर दिखेंगे ..…..
लेकिन गे लेस्बियन लोगों से इस्लाम नफरत करता है इस्लाम में गे लेस्बियन की कोई जगह नहीं है और यह बात बड़े-बड़े मुफ्ती मौलवी और इस्लामिक स्कॉलर भी कह चुके हैं । हर एक इस्लामिक देश में गे लोगों को बड़ी खतरनाक मौत की सजा दी जाती है जैसे अफगानिस्तान में सर कलम किया जाता है फिलिस्तीन में जिसे गे लोग सबसे ज्यादा समर्थन करते हैं वहां छत से नीचे फेंक कर मौत की सजा दी जाती है, सऊदी अरब कतर जैसे देशों में सर कलम किया जाता है तो कुछ अन्य देशों में जैसे अल्जीरिया में जमीन में दफन करके पत्थर मार मार कर सजा दी जाती है …..
लेकिन भारत में कोई भी गे रैली में इस्लाम के खिलाफ आपको बैनर पोस्टर नजर नहीं आएंगे……..






