भारत की तरह अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकालने का प्रयास कोई देश नहीं कर रहा है। राहुल गांधी के पिता भी एक पायलट थे और 1971 के युद्ध के दौरान छुट्टी पर चले गए थे। जब 1977 में इंदिरा गांधी के हाथ से सत्ता चली गई तो परिवार को इटली के दूतावास में शरण लेनी पड़ी थी।
नई दिल्ली। यूक्रेन में फंसे भारतीयों की निकासी को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Former Congress President Rahul Gandhi) और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) ने बुधवार को केंद्र सरकार (Central government) पर निशाना साधा था। इसके जवाब में भाजपा ने गांधी परिवार व कांग्रेस (Gandhi family and Congress) पर पलटवार किया है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख (Head of BJP IT Cell) अमित मालवीय (Amit Malviya) ने उनपर पलटवार कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Former Prime Minister Rajiv Gandhi) का जिक्र करते हुए कहा, जिनके पिता पाकिस्तान से 1971 के युद्ध (1971 war with pakistan) के दौरान छुट्टी पर चले गए और बाद में जिस परिवार ने इटली में शरण ले लिया वे हमसे सवाल पूछ रहे हैं।
बता दें कि यूक्रेन पर भारतीयों की निकासी को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने मोदी सरकार से पूछा था कि अब तक यूक्रेन से कितने भारतीयों को निकाला जा चुका है? वहां अब भी कितने भारतीय फंसे हैं? क्षेत्रवार निकासी की क्या योजना है? उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार निकासी की ठोस योजना बनाए ताकि इसमें और देरी न हो।
मालवीय ने ट्विटर पर लिखा, ‘भारत की तरह अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकालने का प्रयास कोई देश नहीं कर रहा है। राहुल गांधी के पिता भी एक पायलट थे और 1971 के युद्ध के दौरान छुट्टी पर चले गए थे। जब 1977 में इंदिरा गांधी के हाथ से सत्ता चली गई तो परिवार को इटली के दूतावास में शरण लेनी पड़ी थी। राहुल गांधी के सवालों के जवाब में भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘भारत जैसी बड़े पैमाने पर निकासी किसी अन्य देश ने नहीं की है। फिर भी राहुल गांधी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर हमसे सवाल पूछ रहे हैं!’
राजीव गांधी को लेकर मालवीय का यह दावा नया नहीं है। यह सोशल मीडिया में उठता रहा है। यूक्रेन में पिछले सात दिनों से जंग जारी है। गत गुरुवार के बाद से रूसी बमबारी के चलते सैकड़ों सैनिक व नागरिक मारे गए हैं। वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर राहुल गांधी ने सरकार से पूछा था कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों में से कितनों को वापस लाया जा चुका है। .विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया था कि यूक्रेन में 20 हजार भारतीय फंसे थे। इनमें से अब तक 17 हजार वापस आ गए हैं। इनमें से 12 हजार विद्यार्थी हैं।





