Thursday, April 23, 2026
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राहुल,प्रियंका के खिलाफ पोस्टर

नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूतिÓ जैसे नारों के साथ अमौसी एअरपोर्ट समेत शहर में कई जगह लगाए गए पोस्टरों से सिख समाज ने बिना किसी दल का लिए कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है। बुधवार सुबह पोस्टर दीवारों पर चिपके नजर आए तो चर्चा होने लगी। कांग्रेस पदाधिकारी यह पता लगाने में जुट गए कि इसके पीछे किसका हाथ है। सिख संगत नाम की संस्था चलाने वाले और गुरूनानक वाटिका कमेटी के अध्यक्ष सरदार रविंद्र पाल सिंह ने यह पोस्टर चिपकाए हैं। रविंद्र पाल का कहना है कि जिस तरह से कांग्रेस नेता सिखों का हमदर्द बनने का काम कर रही है, वह मात्र छलावा है।

रविंदर सिंह का कहना है कि जिस तरह से कांग्रेस नेता सिखों का हमदर्द बनने का काम कर रही है, वह मात्र छलावा है। कांग्रेस 1984 की घटना को भूल गई है जिसका जख्म आज भी सिख समाज झेल रहा है। पोस्टर में लिखा है कि खून से भरा है दामन तुम्हारा, तुम क्या दोगे साथ हमारा, नही चाहिए साथ तुम्हारा।

उधर, पोस्टर लगवाने वालों में शामिल राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य परविंदर सिंह का कहना है कि कांग्रेस ने 1984 में सिखों को जख्म दिया था और आज राजनीति करने के लिए जख्म पर मरहम लगाने का नाटक कर रही है। उनका कहना है कि सिख समाज ने अभी अमौसी एअरपोर्ट के पास के अलावा शहर के कई जगहों पर पोस्टर लगाए हैं, लेकिन अब सीतापुर, लखीमपुर समेत सिख बाहुल्य क्षेत्र में पोस्टर लगाकर कांग्रेस के नाटक ही हकीकत समाज को बताई जाएगी। उधर, कांग्रेस नेता मुकेश सिंह चौहान का कहना है कि पोस्टर लगाने वाले सरदार रविंदर सिंह कुछ समय पहले ही भाजपा में शामिल हुए हैं और अपनी कमी को छिपाने के लिए भाजपा ऐसा करा रही है।

उत्‍तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी हिंसा पर सियासत बढ़ती जा रही है। पूरे मामले में सबसे ज्‍यादा कांग्रेस पार्टी सक्रिय रूप से आगे नजर आई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा जहां अभी भी लखीमपुर जाने की जिद पर अड़ी हुई हैं। वहीं राहुल गांधी के भी लखीमपुर आने की संभावना है। वहीं इसी बीच बुधवार को राजधानी लखनऊ में कई जगह पोस्टर लगे हैं जिसमें राहुल और प्रियंका के लखीमपुर जाकर सिख परिवारों व मारे गए किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त करने को फर्जी सहानुभूति लिखा गया है।

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