बीजेपी (BJP) ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान किया. राष्ट्रीय कार्यसमिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (LK Advani), डॉ मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi), पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), अमित शाह (Amit Shah), नितिन गडकरी (Nitin Gadkari), राज्यसभा में सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं.
309 सदस्यों की इस नई कार्यकारिणी में मिथुन चक्रवर्ती और हेमा मालिनी को भी जगह दी गई है जबकि मेनका गांधी और वरुण गांधी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
कांग्रेस ने किया पलटवार
मेनका गांधी और वरुण गांधी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल न किए जाने को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के इस कदम से ये पता चलता है कि बीजपी में कितना लोकतंत्र है. वरुण गांधी में अगर थोड़ा सा भी सम्मान बचा है तो उन्हें भाजपा छोड़ देनी चाहिए. वो इस लालच में न रहें कि आने वाले समय में उन्हें मंत्री बना दिया जाएगा.
बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद वरुण गांधी लगातार योगी सरकार पर हमलावर हैं. जिसके बाद मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी को कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर लिया है। इस नई लिस्ट में मध्यप्रदेश के कई राष्ट्रीय नेताओं का नाम गायब है। और सिर्फ चार नेताओं को ही राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है। हालांकि इस लिस्ट चौंकाने वाला नाम प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का है जिन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बतौर सदस्य समिति में जगह मिली है। इन तीनों के अलावा मध्यप्रदेश भाजपा के चौथे चेहरे के तौर पर सांसद वीरेंद्र खटीक को जगह दी गई है।

उधर कैलाश विजयवर्गीय पर राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक बार फिर भरोसा जताया है। विजयवर्गीय के पास पश्चिम बंगाल का प्रभार यथावत रहेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को कार्यसमिति में उपाध्यक्ष की जगह दी गई है





