Assam में Congress विधायक रूपज्योति कुर्मी ने इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को अपना इस्तीफा सौंपा। असम से चार बार विधायक रह चुके रूपज्योति कुर्मी सोमवार को बीजेपी में शामिल होंगे। मारिअनी विधानसभा सीट से विधायक रुपज्योति कुर्मी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अपना इस्तीफा दे चुके हैं। इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि हाईकमान बुजुर्ग नेताओं को ही प्राथमिकता देता है। हमने उनसे कहा था कि कांग्रेस को एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह एक गलती होगी। यह वास्तव में बड़ी गलती साबित हुई।
रुपज्योति कुर्मी चाय बागान श्रमिक समुदाय से आते हैं। ये कांग्रेस के मंत्री रह चुके रूपम कुर्मी के पुत्र हैं और मरिआनी क्षेत्र से 2006 से चुनाव जीतते रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस अपने युवा नेताओं की नहीं सुन रही है। इसलिए सभी राज्यों में इसकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। राहुल गांधी नेतृत्व करने में असमर्थ हैं, अगर वह शीर्ष पर हैं तो पार्टी आगे नहीं बढ़ेगी। इस बीच कांग्रेस ने कुर्मी को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने एक वक्तव्य में कहा कि इस फैसले को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने मंजूरी दी है। बोरा ने पूर्व विधायक राणा गोस्वामी की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल बनाया है, जो मारिअनी क्षेत्र में जाकर वहां राजनीतिक हालात का जायजा लेगा।





