लोनी मामले की आड़ में UP जलाने की थी तैयारी!, सपा नेता निकला मास्टरमाइंड, FB लाइव कर भड़काया उन्माद, FIR दर्ज
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर मुस्लिम युवक (Ghaziabad Loni Border Muslim Man) से पिटाई मामले को लेकर सनसनीखेज खुलासा सामने आ रहा है. जानकारी के मुताबिक मामले को भड़काकर पश्चिम यूपी के कई जिलों में दंगे उन्माद फैलाकर दंगे कराने की साजिश थी. वहीं इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड सपा नेता उम्मेद पहलवान (SP leader Ummed Pahalwan) उर्फ इदरिस (Idris) निकला है. सपा नेता फेसबुक लाइव कर अपनी कौम के लोगों को भड़काने का काम भी किया है. पुलिस ने आरोपी सपा नेता खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपी फरार बताया जा रहा है, पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.
जानकारी के मुताबिक सपा नेता ने इदरिस ने ही बुजुर्ग को थाने में केस दर्ज करवाने में मदद की थी. पीड़ित अब्दुल समद के बेटे ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि इदरिस ने उनके पिता की केस दर्ज करवाने में मदद की थी. इसके बाद सपा नेता ने फेसबुक लाइव करके अपनी कौम के लोगों को भड़काने का काम किया. तैयारी थी कि इसी के बाद क्रमशः अलीगढ़, मुरादाबाद, देवबंद, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में इसे मुद्दा बनाकर उन्माद भड़काया जाए, लेकिन उससे पहले मामले का पर्दाफाश हो गया.
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने ट्विटर समेत 9 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था. पुलिस ने वायरल वीडियो के मामले में पत्रकार मोहम्मद जुबैर और राणा अय्यूब के अलावा अलावा कांग्रेस नेता सलमान निजामी, शमा मोहम्मद और मसकूर उस्मानी, लेखक सबा नकवी, द वायर और ट्विटर के खिलाफ केस दर्ज किया. पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काना), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 505 (शरारत), 120बी (आपराधिक साजिश) और 34 (सामान्य इरादा) जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है.
जानें क्या था मामला ?
गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था. इस मामले में पुलिस का कहना था कि बुजुर्ग द्वारा दी गई सारी जानकारी गलत थी. बुजुर्ग ने अज्ञात के खिलाफ FIR करवाई थी, लेकिन वह उनको जानता था और वहां जबरदस्ती नारे लगाने जैसा कोई मामला नहीं हुआ. पुलिस की जांच में सामने आया है कि पीड़ित अब्दुल समद 5 जून को बुलंदशहर से बेहटा (लोनी बॉर्डर) आया था, जहां से एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपी परवेश गुज्जर के घर बंथला (लोनी) गया था. परवेश के घर पर कुछ समय में अन्य लड़के कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल व मुशाहिद आदि आ गए और परवेश के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. उनके अनुसार अब्दुल समद ताबीज बनाने का काम करता है. उसके दिए ताबीज से उनके परिवार पर उल्टा असर हुआ. इस वजह से उन्होंने यह कृत्य किया है।
अब्दुल समद और प्रवेश, आदिल, कल्लू आदि लड़के एक-दूसरे से पूर्व से ही परिचित थे, क्योंकि अब्दुल समद द्वारा गांव में कई लोगों को ताबीज दिए गए थे. प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में समुचित धराओं की वृद्धि करते हुए पूर्व में ही मुख्य अभियुक्त परवेश गुज्जर की गिरफ्तारी की जा चुकी है. इस मामले में 14 जून को अन्य दो अभियुक्तों कल्लू और आदिल की गिरफ्तारी की गयी थी, वहीं 16 जून को इंतजार और सद्दाम उर्फ बौना को भी सलाखों के पीछ भेज दिया गया है, हमले में शामिल जिन पांच लोगों की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है
Video: ‘इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम है’..ताबीज थ्योरी निकली सही, अपनी गलती मानता दिखा समद
दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) के लोनी (Loni) में बुजुर्ग मौलवी अब्दुल समद (Maulvi Abdul Samad) की पिटाई और दाढ़ी काटने के मामले में नया मोड़ आ गया है. अब एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें पुलिस की ताबीज वाली थ्योरी सही साबित हो रही है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो पिटाई से पहले की है, जिसमें आरोपी बुजुर्ग तांत्रिक से ताबीज को लेकर पूछताछ कर रहे हैं. साथ ही उसके बैग में ताबीज व अन्य सामान भी नजर आ रहा है. इतना ही नहीं मौलवी अपनी गलती भी स्वीकार कर रहा है. वीडियो में मौलवी कह रहा, “इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम.
https://youtube.com/shorts/HeTTpmbxqA4?feature=share
गौरतलब है कि इस मामले में वीडियो में दिख रहे सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया वहीं बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस ने प्रवेश गुज्जर, आदिल और कल्लू को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. अब इंतजार और सद्दाम की भी गिरफ़्तारी हुई है. इसके अलावा स्थानीय सपा नेता उम्मेद पहलवान के खिलफ भी सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद और समाज में जहर फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि उम्मेद पहलवान ने ही मारपीट का फेसबुक लाइव किया था. फिर इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया था.
सद्दाम ने बताया पूरी घटना का सच
गिरफ्तार आरोपी सद्दाम ने बताया कि तांत्रिक समद से उसने फोन पर बात की और बेटे के खाना न खाने की बात कही. इस पर तांत्रिक ने तीन अंडे, सिगरेट और अगरबत्ती लाने को कहा. इसके बाद मैंने अंडे को बच्चे के ऊपर से उतारकर कुत्ते को खिला दिया. फिर मैंने तांत्रिक से पूछा आप कब आओगे तो उन्होंने कहा कि अभी तबीयत खराब है, दो दिन बाद आऊंगा. 5 जून को तांत्रिक घर आया. फिर मेरे पास इन्तजार का फोन आया कि उसे लेकर परवेश के घर चला जा. मैं तांत्रिक को लेकर परवेश के घर गया. वहां परवेश ने आदिल को फोन कर बुलाया और उसके साथ तीन चार लड़के भी पहुंचे. इसके बाद परवेश ने इंतजार को फ़ोन किया और कहा कि तांत्रिक उसका नाम ले रहा कि घर वश में करने के लिए उसने ही कहा था. इसके बाद इंतजार भी वहां पहुंचा. जिसके बाद तांत्रिक पलट गया. इसके बाद तांत्रिक की पिटाई के बाद दाढ़ी काट दी गई.
ट्विटर समेत 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने ट्विटर समेत 9 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था. पुलिस ने वायरल वीडियो के मामले में पत्रकार मोहम्मद जुबैर और राणा अय्यूब के अलावा अलावा कांग्रेस नेता सलमान निजामी, शमा मोहम्मद और मसकूर उस्मानी, लेखक सबा नकवी, द वायर और ट्विटर के खिलाफ केस दर्ज किया. पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काना), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 505 (शरारत), 120बी (आपराधिक साजिश) और 34 (सामान्य इरादा) जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है.





