रूस और यूक्रेन के युद्ध को 70 दिन हो गए हैं, लेकिन युद्ध अभी भी किसी अंजाम पर नहीं पहुंचा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) पूरी तरह जीतना चाहते हैं। इसी बीच ये दावे भी हो रहे हैं कि रूस में सैन्य तख्तापलट (Military Coup) की संभावना है, जिसमें पुतिन की हत्या हो सकती है। पूर्व अमेरिकी जनरल जैक केन का कहना है कि पुतिन ने युद्ध को जिस कमजोर तरीके से संभाला है उससे रूसी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और सिक्योरिटी सर्विस से जुड़े लोग निराश हैं। जिस तरह से पुतिन ने युद्ध को संभाला है उससे रूसी विदेश खुफिया सेवा के प्रमुख सर्गेई नारिश्किन भी नाखुश हैं।
हालांकि जनरल जैक केन कहते हैं कि सत्ता में रहने के लिए पुतिन कुछ भी कर सकते हैं। हमें सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए कि पुतिन कहीं नहीं जाने वाले। पुतिन को पता है कि अगर कोई और सत्ता में आया तो वह जिंदा नहीं रहेंगे। फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘पुतिन का लक्ष्य हर हाल में सत्ता में रहना है। वह सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि पुतिन इस बात को जानते हैं कि अगर उनकी जगह कोई और आया तो उनका अंत निश्चित है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की हत्या (Vladimir Putin killing) की जा सकती है और उसके बाद उनकी सरकार का तख्तापलट (Military Coup) किया जा सकता है. अमेरिकी सेना के पूर्व वाइस चीफ ऑफ स्टाफ (vice chief of staff) जनरल जैक कीन ने यह चेतावनी दी है.
उनका कहना है यूक्रेन युद्ध में अभी तक सफल न हो सकने के कारण रूसी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और सिक्योरिटी सर्विस से जुड़े लोग पुतिन से खासे निराश हैं. जिस तरह से पुतिन ने युद्ध की स्थिति को डील किया है उससे रूसी विदेश खुफिया सेवा के प्रमुख सर्गेई नारिश्किन भी पुतिन पर खासे गुस्सा हैं और पुतिन की जान लेने के कदम (Putin death) तक जा सकते हैं.
अमेरिकी जनरल ने यह इंटरव्यू फॉक्स न्यूज को दिया है. इसमें उन्हेांने कहा है कि इस खतरे के बावजूद पुतिन सत्ता में बने रहने के लिए सब कुछ करेंगे, क्योंकि वह अच्छे से जानते हैं कि सत्ता से हटने का मतलब उनकी मौत है.
बकौल जनरल कीन पुतिन पहले से इस संभावित सैन्य तख्तापलट के खतरे को जानते हैं इसलिए उन्होंने यूक्रेन पर आक्रमण के बाद 150 जासूसों को उनके पद से हटा दिया था. उन्होंने अपनी खुफिया सेवाओं का “स्टालिनवादी” शुद्धिकरण शुरू कर दिया है. एफएसबी की पांचवीं सेवा के प्रमुख सर्गेई बेसेडा को जेल भेजना उनके ऐसे ही कदमों में शामिल था. पुतिन का लक्ष्य हर हाल में सत्ता में रहना है. वह सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
इंटेलिजेंस एजेंसीज और पुतिन के बीच तनाव
न्यूज डाॅट कॉम आस्ट्रेलिया ने भी इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसके अनुसार रूस के एक विश्लेषक एलेक्सी मुराविएव ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पुतिन को अपनी सैन्य और खुफिया सेवाओं के भीतर से संभावित तख्तापलट का सामना करना पड़ सकता है. मुराविएव ने स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया को बताया था कि क्योंकि रूसी हर कीमत पर युद्ध जीतने की कोशिश करना चाहते हैं और पुतिन ने युद्ध को बहुत कमजोर तरीके से संभाला है, ऐसे में पुतिन का तख्तापलट भी किया जा सकता है .
रूस की इंटेलिजेंस एजेंसीज और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच स्पष्ट तौर पर तनाव है. क्योंकि राष्ट्रपति के निर्णय में बड़ी चूक हुई है इसलिए पुतिन को सबकुछ मटियामेट करते देख रूस का ताकतवर जासूसी समुदाय चुपचाप नहीं बैठ सकता.
खराब सेहत की खबरों ने मामला बिगाड़ा
जनरल कीन ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन के युद्ध को 70 दिन हो गए हैं, लेकिन युद्ध अभी भी किसी अंजाम पर नहीं पहुंचा है. रूस को उम्मीद थी कि वह बेहद आसानी से यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच जाएंगा, लेकिन यूक्रेन की सेना से उसे कड़ी टक्कर मिली है. रूसी सेना के कमजोर प्रदर्शन के साथ ही पुतिन के खराब स्वास्थ्य और उन्हें कैंसर होने की खबरों ने मामला और बिगाड़ दिया है.
इसी बीच यह भी रिपोर्ट आई कि पुतिन देश की सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव को अस्थायी रूप से सत्ता सौंपते हुए कैंसर की सर्जरी करवा सकते हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट ने एक पूर्व रूसी विदेश खुफिया सेवा लेफ्टिनेंट जनरल द्वारा चलाए जा रहे टेलीग्राम चैनल का हवाला देते हुए बताया कि पुतिन को डॉक्टरों द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि उन्हें एक ऑपरेशन से गुजरना होगा.
माना जा रहा है कि पुतिन को बीमार व कमजोर मानकर अब उनके ही लोग उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं. रूस के अंदर मतभेद अब बढ़ते जा रहे हैं, तभी तो बात हत्या के प्लाॅट तक चली गई.
पहले भी जताई थी आशंका
एक महीने पहले भी ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ डॉ. लियोनिद पेट्रोव ने बयान दिया था कि पुतिन की हत्या की साजिश कोई ऐसा शख्स अंजाम दे सकता है जो उनके काफी करीब हो. उन्होंने कहा था कि “कोई महिला, उनके परिवार का कोई सदस्य, उनकी बेटी, पूर्व पत्नी या कोई ऐसा शख्स जो पुतिन को बेहद करीब से जानता हो, उनकी हत्या का प्रयास कर सकता है.” अपनी हत्या का व्लादिमीर पुतिन को भी डर है, इसलिए उन्हेांने वह काफी पहले अपने पर्सनल स्टाफ के 1000 लोगों को नौकरी से निकाल चुके हैं. इस बात खुफिया इनपुट भी पुतिन को मिल चुका है.






