Sunday, May 3, 2026
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भाग गया प्रधानमंत्री,बहुत ज्ञान की जोत जला रहा था 2020 में

कनाडा (Canada) के लोगों ने कोरोना गाइडलाइन को सख्त किए जाने के विरोध में वहाँ की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। हजारों ट्रक ड्राइवर और अन्य प्रदर्शनकारी राजधानी ओटावा में इकट्ठा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कनाडा (Canada Trucker Protest) के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के आवास को घेर लिया है। वहीं, भारी प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री ट्रूडो परिवार के साथ कहीं गुप्त स्थान पर चले गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक ड्राइवर देश में कोविड-19 वैक्सीन का विरोध कर रहे हैं और लॉकडॉउन लगाने के खिलाफ हैं। उन्होंने अपने करीब 70 किमी लंबे काफिले को ‘फ्रीडम कान्वॉइ’ का नाम दिया है। उन्होंने ओटावा शहर में कई जगह जाम लगा​ दिया है।

 

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन करने वालों में बच्चे, महिलाएँ और कुछ दिव्यांग भी शामिल हैं। ये भी कनाडा में नई गाइडलाइन का विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को निशाना बना रहे हैं और उनके खिलाफ आक्रामक और आपत्तिजनक बयान भी दे रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं, जो जस्टिन ट्रूडो का सोशल मीडिया पर समर्थन भी कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर एक यूजर ने भारत सरकार का विरोध करने वाले किसान प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने वाले कनाडा के पीएम को आड़े हाथों लिया है। यूजर ने ​अमेरिकी सिंगर रिहाना, ​पोर्न स्टार मिया खलीफा और मीना हैरिस को टैग करते हुए लिखा, “हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं? कनाडा के पीएम अपने घर से भाग गए हैं, क्योंकि ट्रक वालों ने उनके घर को घेर लिया है।”

 

एक अन्य यूजर ने लिखा, “अब इसे कहते हैं अपने किए कर्म यही भुगतने पड़ते हैं, पिछले साल जस्टिन ट्रुडो ने भारत में ट्रैक्टर मार्च रैली को सपोर्ट किया था, आज खुद कहीं छुपकर बैठा है ट्रक मार्च रैली से घबराकर!

एक यूजर ने लिखा कि जस्टिन ट्रूडो को भारत का किसान आंदोलन बहुत भा रहा था। कनाडा में ट्रक ड्राइवरों का जत्था वैंकूवर, ओंटारियो समेत कई क्षेत्रों से राजधानी ओटावा की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री की ऐसी फटी है कि परिवार समेत आवास छोड़ कर भाग चुके हैं। के. राजेश नाम के यूजर ने लॉफिंग इमोजी के साथ लिखा, “अब बात करें जस्टिन ट्रूडो। अब क्यों छुप रहे हो? ट्रूडो: हम शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार में विश्वास करते हैं।”

कनाडा में हो रहे प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग शामिल हैं, जो संसदीय परिसर में घुस चुके हैं। स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए हैं और हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है।

बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने वर्ष 2020 में भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए दिल्ली में चल रहे ‘किसान आंदोलन’ के समर्थन में अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि स्थिति चिंताजनक है और कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है

 

 

 

 

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