पंजाब में विधानसभा का चुनाव होने से पहले देश के जाने-माने कवि कुमार विश्वास का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। उस वीडियो में कुमार विश्वास दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके खालिस्तान के समर्थन में कही गई पुरानी बातों का जिक्र था। कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के बीच वो बातें उस समय हुई थीं जब वो भी आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े हुए थे और तमाम कार्यक्रमों और मीटिंगों में हिस्सा लेते थे। उसके बाद विचारों में कुछ टकराव हुआ और कुमार पार्टी से अलग हो गए। खैर उसके बाद बहुत सारी बातें हुई। आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कुमार केजरीवाल की कुछ बातों पर टिप्पणी करते तो कुछ बातों पर बिना नाम लिए ही आलोचना कर देते थे।
अब शुक्रवार को पंजाब में जिस तरह से खालिस्तान के नारे लगाए गए, तलवारें और बंदूकें निकल आई उसके बाद तो इंटरनेट मीडिया पर ये सभी वायरल हो गए।अब काफी लोग कुमार के उस बयान का समर्थन कर रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में खालिस्तान की मांग उठने लगेगी। सरकार बदलते ही ये नजारा भी देखने को मिलेगा। आखिर में शुक्रवार को ये चीजें सामने आ ही गईं।
मालूम हो कि कुमार के बाद जब ये बवाल बढ़ा था तो केंद्र की ओर से कवि कुमार विश्वास को वाई श्रेणी की सुरक्षा भी दी गई थी। दरअसल केंद्र ने ये फैसला आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विश्वास के आरोपों के मद्देनजर खुफिया सूचनाओं के आधार पर लिया था। समीक्षा के बाद विश्वास को वाई श्रेणी की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जरिए देने का फैसला किया गया था। वाई श्रेणी की सुरक्षा के तहत चौबीसों घंटे चार सुरक्षा अधिकारी विश्वास की सुरक्षा करते।
इससे पहले कवि कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर पंजाब विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। हालांकि आप प्रमुख ने आरोपों को खारिज कर दिया था। केंद्र सरकार की ओर से दी गई वाई श्रेणी की सुरक्षा पर कुमार विश्वास ने कहा था कि मैंने आज तक कभी कोई सुरक्षा नहीं मांगी। यह सरकार की एजेंसियों का इनपुट है। इनपुट पर एक लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वो अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इसके साथ ही कुमार विश्वास ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर फिर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल आतंकवाद के खिलाफ नहीं बोलेंगे…
उस समय कुमार विश्वास के आरोपों को आम आदमी पार्टी ने खारिज कर दिया था लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से सवाल खड़े किए गए थे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि केजरीवाल को बताना चाहिए कि कुमार विश्वास सच बोल रहे हैं या नहीं…यही नहीं पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी की ओर से खालिस्तान समर्थक प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फार जस्टिस से मदद लेने के आरोपों की जांच कराए जाने की मांग की थी।





