भोपाल. प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। 230 विधानसभा सीटों में 70 ऐसी सीटें हैं, जहां कांग्रेस को लगातार पराजय का सामना करना पड़ रहा है। अब इन पर जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी महिला कांग्रेस को सौंपी जा रही है। यहां प्रदेश संगठन मतदान केंद्र स्तर तक महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तैनात करेगा। ये घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगी । पार्टी ने यह भी तय किया है कि इन सीटों के प्रत्याशी भी अगले तीन माह में तय कर दिए जाएंगे ताकि इन्हें तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने तैयारी भी प्रारंभ कर दी है।
कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए एक साथ कई मोर्चे पर काम कर रही है। इसके तहत लगातार हारने वाली सीटों पर विशेष ध्यान देने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसी वर्ष प्रत्याशी चयन का काम पूरा करके संबंधित को सूचित भी कर दिए जाएगा ताकि वे मैदानी जमावट अपने हिसाब से कर लें। इन सीटों पर पार्टी अलग से प्रभारी भी नियुक्त करेगी, जो पूरा समय यहीं देंगे। पार्टी की मंशा घर-घर तक पहुंच बनाने की है। महिला कार्यकर्ताओं की मतदान केंद्र स्तर पर तैनाती का उद्देश्य मतदाताओं से संपर्क और संवाद बनाए रखने का रहेगा। क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को चिन्हित करके संगठन पदाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी ताकि वे उस पर काम कर सकें।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने बताया कि लक्ष्य कमजोर सीटों पर अधिक फोकस करते हुए पार्टी की जीत सुनिश्चित कराने का है। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को ही आगे रखा जाएगा क्योंकि इनके मतदान केंद्र स्तर पर व्यक्तिगत संबंध रहते हैं। प्रदेश पदाधिकारी विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे और प्रत्येक तीन माह में प्रतिवेदन तैयार करके देंगे। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर का कहना है कि हर स्तर पर कार्ययोजना बनाकर काम प्रारंभ कर दिया गया है। सहयोगी संगठनों की भूमिका भी निर्धारित कर दी है।






