‘छेड़ोगे, तो छोड़ेंगे नहीं’ कहकर Raj Thackeray को धमकी देने वाले PFI नेता Mateen Shekhani फरार हो गया है। महाराष्ट्र में Loud Speaker विवाद के चलते PFI नेता मतीन शेखानी ने राज ठाकरे को खुली धमकी देते हुए कहा था, “छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं”। कल मतीन शेखानी पर शनिवार को ही FIR दर्ज हुई थी FIR दर्ज के बाद से ही मतीन शेखानी फरार है। मुंब्रा पुलिस की 2 टीमें शेखानी की तलाश में जुट गई है।
दी थी सफाई
PFI अध्यक्ष मतीन शेखानी ने एक दिन पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को देख लेने की धमकी भी दे दी। शनिवार को टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा ने राज ठाकरे को धमकी देने वाले मतीन शेखानी का सवालों से एनकाउंटर किया था। इस दौरान कट्टर इस्लामिक संगठन PFI के मतीन शेखानी राज ठाकरे को दी गई अपनी धमकियों के उलट सफाई दी।
सरकार पर हमलावर मनसे
राज ठाकरे को PFI ने धमकी दी, तो महाराष्ट्र की सियासत जबरदस्त तरीके से गरमा गई। राज की पार्टी मनसे और ज्यादा एग्रेसिव हो गई। शनिवार को मनसे कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के अखबार सामना के दफ्तर के सामने राज ठाकरे की तस्वीर वाला एक बड़ा पोस्टर लगाया। पोस्टर के जरिए मनसे की ओर से शिवसेना के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को चेतावनी दी गई। कहा गया कि कुछ साल पहले मनसे के कार्यकर्ताओं ने संजय राउत की कार को पलट दिया था।
मनसे की ओर से पोस्टर के जरिए पूछा गया कि क्या इसे दोहराया जाना चाहिए? इस पोस्टर में लिखा गया है कि संजय राउत अपना लाउडस्पीकर बंद करें नहीं तो मनसे अपने स्टाइल में इसे बंद कराएगी। मनसे के निशाने पर संजय राउत इसलिए आए हैं क्योंकि उन्होंने कहीं इंटरव्यू में राज ठाकरे की तुलना ओवैसी से कर दी थी..जिससे मनसे कार्यकर्ताओं में गुस्सा है।
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर सियासत बढती जा रही है। शिवसेना के अखबार सामना के ऑफिस के सामने मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे की तस्वीर वाला एक बड़ा पोस्टर लगाया है। पोस्टर के जरिए मनसे की ओर से शिवसेना के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को चेतावनी दी गई।
शनिवार सुबह मनसे के कार्यकर्ता सामना अखबार के ऑफिस के बाहर पहुंचे और राज ठाकरे की तस्वीर वाला एक पोस्टर लगा दिया। पोस्टर में कहा गया है कि कुछ साल पहले मनसे के कार्यकर्ताओं ने संजय राउत की कार को पलट दिया था, मनसे की ओर से पोस्टर के जरिए पूछा गया है कि क्या इसे दोहराया जाना चाहिए? इस पोस्टर में लिखा गया है कि संजय राउत अपना लाउडस्पीकर बंद करें नहीं तो मनसे अपने स्टाइल में इसे बंद कराएगी। हालाँकि सामना के ऑफिस के बाहर पोस्टर लगाए जाने की खबर के बाद मुंबई पुलिस ने वहां से पोस्टर को हटा दिया है।
दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चीफ राज ठाकरे ने मंगलवार रात को ठाणे में आयोजित एक सभा के दौरान कहा था कि अगर ईद यानी 3 मई तक मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर नहीं उतारे गए, तो उनके कार्यकर्ता वहां हनुमान चालीसा बजाएंगे। इसके बाद फिर से वे फिर से सत्ताधारी पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं। राज ने शिवसेना के हिंदुत्व पर भी सवालियां निशान लगाया था।
इस पर पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि ‘हिन्दुत्व’ शिवसेना के खून में है, हमें कोई हिन्दुत्व न सिखाए। जब-जब हिंदुत्व पर हमला हुआ है तो उस वक्त बीजेपी सामने नहीं थी। हम थे, बालासाहेब ठाकरे थे, उद्धव ठाकरे थे। उन्होंने मनसे चीफ राज ठाकरे को बीजेपी का लाउडस्पीकर करार दिया। संजय राउत ने कहा कि ये जो लाउडस्पीकर बज रहा है आजकल (राज ठाकरे) ये भाजपा का ही भोंपू है, ये सबको पता है।
संजय राउत ने कहा कि ईडी की कार्यवाही से अभय मिले इसलिए ये आजकल बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं। बीजेपी जब खुद सामना नही कर पाई तो राज ठाकरे के रूप में लाउडस्पीकर को आगे कर दिया है। संजय राउत ने आगे कहा कि ईडी की कार्रवाई से छूट मिलने के बाद राज ठाकरे का भोंगा शुरू हो गया।





