लंगोट के कमजोर लोगो को फ़साना कितना आसान होता एक नजर इधर डाल लें!
~श्रद्धा दुबे~
लखनऊ की कथित मॉडल श्रद्धा चलती स्कॉर्पियो में शीशे नीचे कर लड़कों को फंसाती थी… 7 दिन में किसी को भी सेट कर लेती थी.. टारगेट ट्रैप हो जाने के बाद पेट्रोल से लेकर मेकअप तक के खर्चे वसूलती थी
ये राज उसी के ड्राइवर ने खोले हैं..
श्रद्धा दुबे की स्कॉर्पियो चलाने वाले ड्राइवर ने उसके ट्रैप करने का खुलासा किया है। उसने बताया है कि श्रद्धा किस तरह देर रात तैयार होकर पार्टी के लिए निकलती थी। मंहगे कैफे और क्लबों में जाकर रईसजादों से दोस्ती करती
एक दिन मैडम को ब्यूटी पार्लर जाना था, मैं उनके हजरतगंज वाले फ्लैट पर पहुंचा फिर वहां से उन्हें एक सैलून में ले गया। वहां से देर रात करीब 10:30 ब्यूटी पार्लर ने निकलने के बाद उन्हें वापस अपार्टमेंट ले गया
अपार्टमेंट पहुंचकर गाड़ी से उतरी और बोली- नीचे रुको, पांच मिनट में आ रही। इसके बाद लौटी तो शादी के बजाय विभूतिखंड स्थित किसान बाजार में कैफे और लॉउंज के पास गई। वहां पर बोली कि गाड़ी धीरे करके म्यूजिक बढ़ा दो। वह चाहती थी कि वहां से गुजरने वालों का इधर गाड़ी के अंदर ध्यान खिंचे।
वह गाड़ी का शीशा हल्का नीच करके गाड़ी से बाहर देखती रहती और वहीं गाड़ी रुकवाती, जहां रईस लोग खड़े रहते। वहां पर रोज मुझे लेकर जाने लगी और ऐसा ही करती। देर रात एक आमिर नाम का व्यक्ति आता। इसके बाद रात 2:30 से 3 बजे के बीच मुझे हजरतगंज में छोड़कर वे दोनों चले जाते
ड्राइवर के मुताबिक, श्रद्धा ब्यूटी पार्लर किसी के रिफरेंस के जरिये गई थी। वहां से निकलते समय पार्लर का ओनर आया। पार्लर से निकलकर गाड़ी में बैठी। किसी को कॉल करके बोली कि वहां पर एक भी रुपया नहीं लगा।
लेकिन, पार्लर का मालिक काफी पैसे वाला है, इसको फंसाते हैं। इसके बाद पार्लर के मालिक की जानकारी जुटाने लगी और 7 दिन में श्रद्धा ने सैलून के मालिक को फंसा लिया
ड्राइवर ने बताया- एक रात वह हजरतगंज में मोती महल की तरफ ले गई। वहां पर दो ट्रांसजेंडर पहुंचे और इनकी गाड़ी में बैठ गए। वो दोनों भी कहीं से पार्टी करके आ रहे थे। इसके बाद तीनों आपस में काफी गंदी भाषा में बातचीत करने लगे। वो लड़कों को फंसाने और पैसे न देने पर मारने की बातचीत कर रही थी। उनकी बातों को सुनकर मैं सहम गया। लेकिन, पैसों के लिए मुझे नौकरी तो करनी ही थी
स्कॉर्पियो में जब डीजल कम होने लगता तो उनको जानकारी देता। इस पर श्रद्धा किसी को कॉल करके गाली देती। गंदी-गंदी भाषा का इस्तेमाल करती और बताती कि टंकी पर खड़ी हूं, अगर फुल नहीं हुई तो अंजाम बुरा होगा। टंकी पर तमाशा बना रहे हो। कुछ ही देर में पैसा आ जाता और गाड़ी की टंकी फुल हो जाती। ये वहीं गाड़ी है, जिसका नंबर 0111 था!






