Sunday, November 8, 2026
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कांग्रेसी नेता ने किया सालों बलातकार

बलातकारी कांग्रेस नेता

देहरादून। करीब 23 साल पुराने जेनी दुष्कर्म प्रकरण में शनिवार को नया मोड़ आ गया।

अब तक राजनीतिक बयानबाजी और बच्चे के पितृत्व की डीएनए जांच के सवालों के बीच घिरी रहीं जेनी ने पहली बार अपने साथ हुई कथित घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा देते हुए पूर्व मंत्री डा. हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म, यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन हस्ताक्षर कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

रोते हुए अपनी आपबीती सुनाने वाली जेनी ने दावा किया कि जब उनके साथ यह सब हुआ, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा शोषण हुआ, जैसा शायद किसी के साथ नहीं हुआ होगा।

पागलखाने में रखवाया
जेनी ने आरोप लगाया कि वह मॉडलिंग के लिए देहरादून आई थीं। काम नहीं मिलने पर एक एसटीडी बूथ पर काम करने लगीं। इसी दौरान एक कांग्रेस नेता ने उन्हें हरक सिंह रावत के घर पर काम दिलाया था।

जेनी के मुताबिक, हरक सिंह रावत ने उन्हें अपने घर पर ही रहने और वहीं काम करने के लिए कहा। इसके बाद उन्हें नौकरी के सिलसिले में कई जगह ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनके साथ दुष्कर्म किया गया।

जेनी का दावा है कि जब उन्होंने अपने बच्चे को पिता का नाम देने की बात उठाई तो उनका शोषण जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि दुष्कर्म के बाद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और पागलखाने में रखवा दिया गया। वहां उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए।

उनका कहना है कि जब सीबीआई की टीम उनसे मिलने पहुंची, तब वह पूरी तरह मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुकी थीं। सीबीआई की टीम केवल एक बार उनसे मिलने आई थी। ऐसे में वह उस समय अपनी बात ठीक से नहीं रख पाईं।

बेटे को पिता का नाम चाहिए, 23 साल से बिना पिता के रह रहा
जेनी ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा 23 साल का हो चुका है और अब तक बिना पिता के रह रहा है। उन्होंने कहा कि बेटे को उसका नाम और पहचान मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने बेटे का दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। उनका आरोप है कि पहले हुई डीएनए जांच में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने नार्को टेस्ट कराने की मांग भी उठाई।

जेनी ने कहा कि हरक सिंह रावत ने कभी उनके और उनके बेटे के खर्च की जिम्मेदारी नहीं उठाई। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके बेटे के भविष्य और पहचान को लेकर अब तक किसी ने गंभीरता क्यों नहीं दिखाई।

उनका कहना है कि वह पहली बार देहरादून आई थीं तो उनके साथ दुष्कर्म हुआ, दूसरी बार बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र लेने आईं और अब तीसरी बार अपने साथ हुए कथित अन्याय की आवाज उठाने पहुंची हैं।

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