दिल्ली के शाहीन बाग में मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा माँगने के बहाने घरों की रेकी करने के बाद वहाँ चोरी की वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने मोहम्मद अखलाक (43) को उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गिरफ्तार किया है। आरोपित पहले भी चोरी की दो वारदातों में शामिल रहा है। उसके पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन जब्त किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित मोहम्मद अखलाक मूलत: बिजनौर जिले के किरतारपुर का निवासी है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस के डीसीपी आरपी मीणा का कहना है कि बीते 10 जुलाई 2021 को शाहीन बाग पुलिस को चोरी से संबंधित एक फोन आया था। जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँची तो वहाँ पर पीड़िता मलका ने घटना के बारे में जानकारी दी। मलका ने बताया कि सुबह के करीब 8 बज रहे थे औऱ वो सो रही थी। इसी दौरान कोई उसके कमरे में घुसा और उसके दो मोबाइल फोन और 12 हजार रुपए चुरा ले गया।
डीसीपी मीणा ने कहा कि पीड़िता की शिकायत के बाद शाहीन बाग थाने के थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई शील कुमार, एसआई नासिर, हेड कॉन्स्टेबल रविंदर, सिपाही सुरेंद्र और रोशन की एक टीम गठित कर इस मामले की जाँच में लगाया गया। चोरी किए गए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर रखा गया था। उसकी लोकेशन ट्रेस की गई तो उसका आखिरी लोकेशन मुस्तफाबाद में पता चला। उसके बाद फोन बंद हो गया। इस बीच 29 अगस्त 2021 को मोबाइल नंबर एक्टिव मिला।
ट्रेस करने पर पता चला कि वो बिजनौर में इस्तेमाल ही रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहाँ से नवाब हुसैन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने बताया कि अखलाक ने उसे यह मोबाइल दिया था। इसके बाद पुलिस ने आऱोपित अखलाक को उसके घर करतारपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि वह गरीब है और अपना भरण-पोषण करने के लिए मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में मदरसों के नाम पर चंदा इकट्ठा करता है। इसके कारण वह किसी भी घर में आसानी से घुसकर रेकी कर लेता था। इसके बाद मौका देखकर वहाँ चोरी को अंजाम देता था।





