मैं पढऩे के लिए दूसरे शहर से भोपाल आई हूं। यहां अपनी छोटी बहन के साथ रहती हूं। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हूं। एमपी नगर इलाके में कोचिंग पढऩे जाती हूं। रोज की तरह मैं बुधवार शाम कोचिंग गई थी। एक प्रतियोगी परीक्षा का फार्म भरने के कारण मुझे घर जाने में थोड़ी देर हो गई। शाम करीब 7 बजे बोर्ड ऑफिस चौराहे के समीप एक सवारी आपे में बैठी। आपे में सवार दो महिलाएं चेतक ब्रिज के समीप उतर गईं। कुछ दूर चलने के बाद गौतम नगर के पास एक स्टेशनरी दुकान के पास से दो युवक आपे में सवार हुए और मेरे अगल-बगल बैठ गए। मैं एकदम से घबरा गई। मैंने आपे चालक से दोनों को पीछे बैठाने को कहा, लेकिन चालक ने थोड़ी दूरी पर सवारी उतर जाने का कहकर बात टाल दी। आगे बढऩे पर सुभाष फाटक की तरफ से अचानक आपे चालक ने ओल्ड सुभाष नगर की तरफ अंधेरे में सुनसान जगह पर ऑटो रोक दिया। बगल में बैठे युवक ने मुझे अपनी तरफ खींचा और छेड़छाड़ शुरू कर दी। मैं बहुत डर गई। मैंने विरोध किया तो दूसरे युवक ने मेरे मुंह पर 2-3 चांटे मारे और कहा कि चुपचाप रहेगी तो छोड़ देंगे, नहीं तो काटकर फेंक देंगे। मैंने हिम्मत कर शोर मचाया तो आपे चालक ने तुरंत आपे अशोका गार्डन की तरफ मोड़ दिया। आपे चालक वहां से अप्सरा टॉकीज की तरफ ले जाने लगा। अशोका गार्डन में एक भारी वाहन की वजह से चालक ने स्पीड ब्रेकर पर आपे की स्पीड कम की। आपे धीमा होते ही मैं उनके चंगुल से भाग निकली।
(जैसा कि छात्रा ने पुलिस को शिकायत में बताया)
आरोपी खुलेआम चार थाना क्षेत्रों में छात्रा से ऑटो में छेड़छाड़ करते हुए घूमते रहे
राजधानी का कोचिंग हब कहलाने वाला एमपी नगर क्षेत्र महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़, बदसलूकी के मामले में ब्लैक स्पॉट के रूप में कुख्यात है। प्रशासन के नाकाफी प्रयासों से बदमाशों और शोहदों में पुलिस का खौफ नहीं है। नतीजा, यहां छेड़छाड़ पर लगाम नहीं कस पा रही। हाल ही में कोचिंग से लौट रही बीए की 20 वर्षीय छात्रा को सरेराह आपे में बंधक बनाकर छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। बदमाश छात्रा को लेकर चार थाना क्षेत्रों में घूमते रहे। विरोध पर बदमाशों ने छात्रा को पीटा व काटकर फेंक देने की धमकी दी। किसी तरह छात्रा उनके चंगुल से भागी। इसके बाद अपनी सहेलियों के साथ थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।
फिर सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
रूम पहुंचकर आसपास रहने वाली अपनी सहेलियों को आपबीती सुनाई। पीडि़ता शिकायत दर्ज कराने थाने तो पहुंची लेकिन अशोका गार्डन, एमपी नगर, गोविंदपुरा और ऐशबाग थाने की सीमा होने की बात कहकर एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाली गई। अंतत: ऐशबाग पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर अज्ञात आपे चालक और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं
हमारे पास गोङ्क्षवदुपरा थाने से जीरो पर कायमी होकर आई थी, चूंकि घटनास्थल ऐशबाग का था इसलिए हमने असल कायमी की है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
– मनीषराज भदौरिया, टीआई ऐशबाग





