पटना: बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार में घमासान मचा है। पावर गेम में ‘तेज ब्रदर्स’ आमने-सामने आ गए हैं। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। राबड़ी आवास में उनकी भारी बेइज्जती हुई है। तेजप्रताप यादव छोटे भाई तेजस्वी यादव से बात करने राबड़ी आवास पहुंचे थे। वहां पर उनको अपनी हैसियत का पता चल गया। तेजप्रताप यादव की तेजस्वी यादव से बातचीत तक नहीं हो सकी। जिसके बाद तिलमिलाए तेजप्रताप यादव राबड़ी आवास से बाहर निकल गए।
जब से छात्र राजद से आकाश यादव की छुट्टी हुई है, तब से तेजप्रताप यादव पार्टी के बड़े नेताओं को खरी-खोटी सुना रहे हैं। जगदानंद सिंह और तेजस्वी के राजनीति सलाहकार संजय यादव मुख्य रूप से निशाने पर हैं। पूरे मसले पर तेजप्रताप यादव ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की, मगर बात नहीं बन पाई।
राबड़ी आवास से 5 मिनट के बाद ही गुस्से से लाल तेजप्रताप बाहर आकर आरोपों की झड़ी लगा दी। तेजप्रताप ने तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी से वो (संजय यादव) बातचीत नहीं करने दे रहे हैं।
राबड़ी आवास के मेन गेट पर गुस्से में तेजप्रताप ने कहा कि तेजस्वी से उनकी बात शुरू ही हुई थी, तभी संजय यादव ने उन्हें रोक दिया। उनको (तेजस्वी) लेकर चले गए। तेजप्रताप ने बताया कि संजय यादव उन दोनों भाइयों के बीच में आ गए। उन्हें अपनी बात रखने से रोक दिया गया।
तेज प्रताप यादव को ‘ज्यादा बोलना’ मंहगा पड़ सकता है। राजद नेतृत्व ने यह संकेत दे दिया है कि वह अब उनकी बातों को झेलने को तैयार नही है। उन्हें संकेतों में बताया जा रहा है कि रवैया बदलें या बाहर का रास्ता देखें।
तेजस्वी यादव ने दिल्ली जाने से पहले कहा कि तेज प्रताप बड़े भाई हैं। सम्मान करते हैं, लेकिन दल में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी कड़ा रुख अपना लिया है।
पहले से क्षुब्ध चल रहे विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को उनके प्रति नाराजगी दिखाई। मीडिया से बातचीत पूरी किए बगैर वे बाहर निकल गए। इस दौरान लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के बीच शनिवार को मुलाकात तय है। तेजस्वी और संजय यादव दिल्ली निकल गए हैं। तेजप्रताप ने तेजस्वी की बेरुखी की जिम्मेदारी उनके सलाहकार संजय यादव पर थोप दी है। उधर तेजप्रताप की उस धमकी को नजरअंदाज कर दिया गया कि वह पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा कि हम उन्हें बुलाने नहीं जा रहे हैं।नहीं हुई तेजस्वी से भेंट:
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद से नाराज चल रहे तेजप्रताप शुक्रवार की दोपहर तेजस्वी से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर गए। इस आवास में वे बेरोक-टोक आते हैं, लेकिन कुछ देर बाद ही गुस्से में निकल गए। आवास के बाहर खड़े संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि संजय यादव ने तेजस्वी से मिलने से रोक दिया। हमारी बातचीत शुरू भी नहीं हुई थी कि संजय यादव पहुंच गए।
वह तेजस्वी को लेकर बाहर निकल गए। संजय यादव मुझे रोकने वाला कौन होता है। वह हम भाइयों के बीच आ रहा है। वह हम दोनों को लड़वा रहा है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेजप्रताप अपने भाई से भी उलझने के मूड में ही गए थे। वे जगदानंद सहित पार्टी के कई नेताओं के प्रति गलत शब्द बोल रहे थे। इतने गुस्से में थे कि अगर तेजस्वी को संजय बाहर नहीं निकाल ले जाते तो अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती थी। वैसे, तेजस्वी ने बाद में बताया कि तेज प्रताप जिस समय आए, हम विपक्षी दलों की वर्चुअल बैठक में जा रहे थे। इसमें शामिल होना मेरे लिए ज्यादा जरूरी था।
लालू से भी राहत की उम्मीद नहीं:
सूत्रों ने बताया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भी तेजप्रताप को अधिक तरजीह देने के मूड में नहीं हैं। तेजस्वी से पहले तेजप्रताप ने लालू प्रसाद से दिल्ली जाकर मिलने का समय मांगा था। लालू राजी नहीं हुए। परिवार में तेजप्रताप का आकलन इस हिसाब से किया जा रहा है कि इनकी हरकतों से पार्टी को रोज कुछ न कुछ नुकसान ही हुआ है।
पार्टी के कई बड़े नेताओं का इन्होंने अपमान किया है। समझा जाता है कि शनिवार को लालू प्रसाद से मुलाकात के दौरान तेजस्वी उन्हें बताएंगे कि तेजप्रताप की हरकतों को बर्दाश्त करना राजद के लिए आत्मघाती होगा। समझा कर शांत रखने की गुंजाइश नहीं बनने पर तेजप्रताप को पार्टी से अलग कर देना ही मुनासिब होगा।





