शाजापुरः जिले में जनसुनावाई के दौरान 80 वर्षीय बुजुर्ग कलेक्टर का पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगा. उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है. इसे उनसे मुक्त कराने के लिए बुजुर्ग कलेक्टर के पैरों पर गिर गया. हालांकि बुजुर्ग द्वारा पैर पकड़ने पर डिप्टी कलेक्टर ने फटकार लगा दी. जनसुनवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर अजीत श्रीवास्तव मीडियाकर्मियों पर भी भड़क गए और उन्हें कवरेज करने से मना कर दिया.
जनसुनवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर का पकड़ा पैर
80 वर्षीय बद्रीलाल अपनी जमीन का कब्जा दिलाने के लिए शाजापुर जिला कलेक्टर के यहां जनसुनवाई में गए थे. उनके साथ पत्नी, बहू और पोतें भी थे. इसी दौरान बद्रीलाल जनसुनवाई कर रहे डिप्टी कलेक्टर अजीत श्रीवास्तव के पैरों पर गिर पड़े और अपनी जमीन दबंगों से मुक्त कराने की गुहार लगाने लगे. बुजुर्ग ने कहा कि मैं परेशान हो गया हूं. आप मेरे जिले के भगवान हो मेरी जमीन दिला दो, जिस पर कलेक्टर ने बुजुर्ग को बोला ये किसने बोला, ऐसा करने के लिए, खड़े हो जाओ, इस तरीके से नहीं किया जा सकता है.
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, शाजापुर के बद्रीलाल पिता रामा जी की 2 बीघा जमीन कृषि उपज मंडी के पास है. इस जमीन का सर्वे क्रमांक 133 एवं रकबा 0.41 हेक्टेयर है. सन् 2002 में इस जमीन पर 4 फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से डेढ़ बीघा पर कब्जा कर लिया गया. जिसके बाद बद्रीलाल ने जिला प्रशासन के सामने गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. सुनवाई न होने पर बद्रीलाल ने सिविल न्यायालय शाजापुर में वाद दायर किया. सिविल न्यायालय ने चारों रजिस्ट्री को अमान्य कर दिया.
अपनी ही जमीन पर नहीं मिला कब्जा
रजिस्ट्री अमान्य होने के बाद भी बद्रीलाल को अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका. इतना ही नहीं दबंगों ने डेढ़ बीघा जमीन के साथ उसकी बाकी आधा बीघा जमीन पर भी कब्जा कर लिया. जमीन कृषि मंडी के पास होने से बेशकीमती है. आज इस जमीन की कीमत करोड़ों में है. बद्रीलाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. वह बार-बार प्रशासन से कब्जा दिलाने की गुहार लगा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन उसकी सुनने के लिए तैयार नहीं है.





