दुनिया भर में किसी भी देश में कोई भी जब भी इस्लामिक आतंकवाद इस्लामिक चरमपंथ के खिलाफ आवाज उठाता है तब न सिर्फ भारत बल्कि कई अन्य देशों के लोग भी उसके खिलाफ खड़े हो जाते है, आतंक का बचाव करने लगते है.
अब जब चीन मस्जिद तोड़ कर वहां पांच सितारा होटल बना रहा है तो भारत के कट्टरपांति मुल्ला मोलवी चुप्पी साधे हुए है. असदुद्दीन ओवैसी जो हर वक्त मुस्लिम मुद्दों के उठाते रहते है उनके शुभचिंतक बनते है वो भी हीन के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल पाने में असमर्थ है. आतंकवाद का घर पाकिस्तान जो चीन के बहुत करीबी है वो भी इस मामले पर छुपी साधे हुए है. इसके अलवा बाकि सभी इस्लामिक देश भी इस मस्जिद तोड़ कर पांच सितारा होटल बनने के खिलाफ कुछ नही बोल रहे है, जो हर वक्त मुसलमानों मुद्दों कि बात करते है. ये इस्लाम के कथित ठेकेदार अब चुप क्यों है. क्यों नहीं कुछ बोलते या मांग रखते. सही गलत का पाठ क्यों नहीं पढाते.
बता दें, चीन से खबर आई है की उइगर समुदाय की मस्जिद को तोड़कर उसकी जगह पर होटल बनाने की कथित योजना के बाद यह कदम उठाया है. उइगर समुदाय के खिलाफ चीन का अत्याचार ये पहली बार नहीं है. इससे पहले भी कई ऐसे मामले आए है जहाँ चीन ने उइगर मुस्लिमो पर अत्याचार किए है. पहले भी उइगर मुस्लिमों के कई धार्मिक स्थलों को तोड़कर वहां शौचालय का निर्माण करा चुके चीन ने अब एक और मस्जिद को तोड़कर वहां पांच सितारा होटल होटल बनाने जा रहा है.
इस मस्जिद वाली जगह पर ‘हिल्टन’ समूह द्वारा होटल का निर्माण किया जाना है. आपको बता दें इस फैसले के खिलाफ अमेरिका में एक मुस्लिम नागरिक अधिकार समूह ने ‘हिल्टन’ के होटलों के बहिष्कार का आह्वान किया है. केवल ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस’ ने इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है. बृहस्पतिवार को वाशिंगटन में कैपिटल हिल्टन के बाहर एक संवाददाता सम्मेलन किया और बहिष्कार संबंधी घोषणा की. चीन अपने यहां शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम उइगर आबादी के उत्पीड़न को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करता रहा है.





