अंकिता हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार जिहादी शाहरुख अंकिता को लव जिहाद का शिकार बना धर्मांतरण करवाना चाहता था। केस की जाँच कर रहे दुमका के एसडीपीओ नूर मुस्तुफा पर आरोपित को बचाने के इल्जाम लगने के बाद उन्हें जाँच से हटा दिया गया है।
इस बीच अंकिता के पिता का एक बयान सामने आया है जिसमें वह बता रहे हैं कि कैसे अंकिता डॉक्टर बनने के सपने देखती थी, लेकिन शाहरुख उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाता था।
अंकिता के पिता के बयान से साफ है कि शाहरुख अंकिता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था, जबकि अंकिता के नाम से जो बयान पेश किया गया है उसमें पीछा करके परेशान करने की बातों का, बात न मानने पर धमकी देने का, पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने का जिक्र है।
उस बयान में अंकिता की उम्र 19 साल लिखी गई है जो दस्तावेजों में केवल 16 की है। आगे कहा गया है कि शाहरुख ने अंकिता की सहेली से उसका नंबर लेकर उसे तंग करना शुरू किया था।
अंकिता को इंसाफ दिलाने के क्रम में डीएसपी नूर मुस्तुफा को केस की जाँच से हटाया गया है। नूर मुस्तुफा वही पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने अस्पताल में लड़की का बयान जाकर लिया था और बयान में ये लिखा था कि लड़की ने खुद को 19 साल का बताया है। जबकि, दस्तावेजों के अनुसार लड़की 16 साल की थी।
उम्र के हेरफेर कर शाहरुख को पोस्को से बचाना चाहता था नूर मुस्तुफा पर आरोपित को बचाने के इल्जाम लगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नूर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के लिए काम करता है। अब इस केस में पॉक्सो एक्ट लगेगा।






