उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या केंद्र बिंदू बनता दिख रहा है. AIMIM प्रमुख असदद्दूदीन ओवैसी एक बार फिर से चर्चाओं में आ गये हैं. आगामी 7 सितंबर को ओवैसी अयोध्या में एक रैली आयोजित करने वाले हैं. इस रैली के पोस्टरों में आयोध्या का नाम फैजाबाद लिखा गया है. इसे लेकर ही विवाद बढ़ता जा रहा है. तपस्वी पीठ के महंत जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि जबतक से बैनरों और पोस्टरों में अयोध्या नहीं लिखा जाता है तबतक हम रैली आयोजित नहीं होने देंगे. लोगों की मांग को देखते हुए प्रशासन भी दबाव में आ गया है. जानकारी के अनुसार संतों के एक समूह ने तो इसके खिलाफ प्रशासन को एक चिट्टी भी लिखी है.
क्या कहना है AIMIM का
Uttar Pradesh Election 2022 : इस बात को पढ़कर देख AIMIM के अयोध्या के जिला अध्यक्ष शाहनवाज सिद्दीकी का बयान दिया है. उनका कहना है कि अयोध्या का नाम पहले फैजाबाद हुआ करता था. उन्होंने कहा कि जाहिर है यदि किसी जगह का नाम बदला है तो उसे अमल में लाने में समय लगेगा. शाहनवाज का कहना है कि पोस्टरों में कहीं पर अयोध्या लिखा हुआ है तो कहीं फैजाबाद लिखा हुआ है. यह आदतों के कारण हुआ है इसमें कोई भी विवाद नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो आज भी अयोध्या को फैजाबाद के नाम से जानते हैं.
अयोध्या कैसे बना केंद्र
भाजपा हो या कांग्रेस, सपा हो या बसपा सभी अयोध्या से ही चुनावी बिगुल फूंकने की तैयारी में हैं. भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में तो शुरु से ही अयोध्या का विशेष स्थान रहा है. अन्य राजनीतिक दल भी अयोध्या को मनाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं. कांग्रेस उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी पहले ही अयोध्या को केंद्र मानकर राजनीति का रही हैं. दूसरी और बसपा ने भी अयोध्या में प्रबुद्ध समाज सम्मेलन की शुरुआत की है. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी हाल में अयोध्या में रैली करके आए हैं. ऐसे में इस बात पर कोई शक नहीं कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का केंद्र अयोध्या ही बनने वाला है.





