Thursday, May 7, 2026
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शुभम कुमार राय सच्चा दोस्त मान बैठा,मोहम्मद शाहिद खान को,जमीन के 6 फिट नीचे मिली लाश

भागलपुर के अकबरनगर थाना क्षेत्र के मकंदपुर निवासी इंटर के छात्र शुभम कुमार राय की हत्या उसके जिगरी दोस्त शाहिद रजा ने ही छह दोस्तों के साथ मिलकर की थी। शाहिद ने शुभम हत्याकांड में अपने जुर्म का इकबाल करते हुए पुलिस के समक्ष हत्याकांड का सच प्रकट कर दिया है।

एसएसपी बाबू राम ने बताया कि शाहिद ने कबूल किया है कि उसका दोस्त शुभम उसके प्यार की राह में रोड़ा बन गया था। वह उस लड़की से शुभम को जितना दूर करने की कोशिश कर रहा था वह उससे उतना ही नजदीक होता जा रहा था। शुभम का घंटों मोबाइल से उस लड़की से बातें करना उसे नागवार गुजरने लगा। कई बार ट्रेन से भागलपुर आने के क्रम में शाहिद ने शुभम को ऐसा करने से मना किया था, लेकिन वह उसके प्यार को अपना पहला प्यार मान उसे ही उलाहना दे यह कहने लगा कि वही दोनों के बीच में रुकावट बन रहा है। बस उसने फैसला कर लिया कि अब वह शुभम को ही रास्ते से हटा देगा।

शाहिद ने अपने जिगरी दोस्त शुभम को रास्ते से हटाने के लिए फतेह, गुड्डू, गोल्डन और एक अन्य को कत्ल की साजिश समझाकर शुभम को रास्ते से हटाने के लिए अकबरनगर इलाके के अन्य दोस्तों जयकिशन और उसके भाई को भी राजी कर लिया। इस कार्य में उसे रिश्तेदारों का भी पैसे से सहयोग मिला।

साजिश के मुताबिक अशोक यादव, रोहित कुमार, जयकिशन, विश्वजीत समेत अन्य साथी भागलपुर रोज की तरह पहुंचे। भागलपुर शहरी इलाके में कई जगहों पर घूमा और शुभम को पहले भरोसे में लिया। इस दौरान जोगसर और नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट भी गए थे। पूरा भरोसा जीतने के बाद शुभम को अकबरनगर रेलवे क्राङ्क्षसग के पास 28 मार्च को बुलाया गया। जहां मकंदपुर निवासी ग्रामीण दोस्त राजकुमार के साथ शुभम पहुंचा था। वहां शाहिद कैमरा लेकर आया। फोटोग्राफी का सब्जबाग दिखाया। जहां से शुभम, शाहिद और एक विधि-विरुद्ध बालक बाइक पर बैठकर इंग्लिश चिचरौन बहियार गया। वहां पहले से नाइलान रस्सी, गमछा आदि लेकर अन्य साथी गड्ढा करके बैठे हुए थे। वहां शुभम को सभी ने मिलकर काबू कर रस्से की मदद से गला घोंट दिया, फिर उसके शव को गड्ढे में दफन कर दिया।

एसएसपी बाबू राम ने बताया कि शव जलाने को लेकर संशय की स्थिति सामने आई है। शव को जलाने संबंधी रिपोर्ट पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक नहीं दे पाए हैं। शुभम के शव के अवशेष से मिली हड्डियों को विशेष रासायनिक प्रक्रिया में दो माह के लिए रखा गया है, जिसके बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि शुभम को जलाया गया था या नहीं। आरोपितों ने जलाने की बात नहीं कबूली है। दो माह बाद डाक्टरों की विशेष जांच रिपोर्ट में इसका पता चल सकेगा। इसके लिए हड्डियों के अवशेष को सुरक्षित रखा गया है। शव के अवशेष को डीएनए जांच के लिए भी भेजा जा रहा है ताकि यह भी पता चल सके कि बरामद शव शुभम का ही है या नहीं।

शव मिट्टी में दफन कर दिए जाने की वजह से गल चुका था। एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में चार आरोपितों जिनमें एक विधि-विरुद्ध् बालक भी है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। शाहिद को पहले भागलपुर फिर कोलकाता भगाने, वहां उसके रहने और हत्याकांड में होने वाले खर्च के इंतजाम में डेढ़ से दो लाख रुपये का सहयोग किया था। उनकी भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। शेष चार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

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