समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का जश्न मनाने के लिए एक मुस्लिम युवक बाबर की हत्या को सही ठहराया है। संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “बाबर गलत कर रहा था”। संभल के सांसद ने घटना में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा, “…यह 2024 की तैयारी का एक हिस्सा है।” उन्होंने कहा, “मुसलमान नहीं चाहते की बीजेपी को समर्थन किया जाए।”
यह पूछे जाने पर कि क्या मुसलमान भाजपा के पक्ष में वोट नहीं कर सकते? सपा सांसद ने कहा, “वे किसी को भी वोट दे सकते हैं… भाजपा शासन में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है।” बर्क से पूछा गया कि क्या बाबर भाजपा की जीत का जश्न मनाकर गलत कर रहा था। तो उन्होंने जवाब में कहा, “हां, वह गलत कर रहा था।”
कौन था बाबर अली ?
कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के कठघरहीं गांव के निवासी सूबेदार अली का सबसे छोटा बेटा बाबर अली गांव के अमवा चौराहे पर मुर्गा बेचने का कार्य करता था। घर में बाबर की मां-पत्नी के साथ एक बेटा व एक बेटी है। बेटा 4 साल का तो बेटी 6 साल की है। विधानसभा चुनाव के दौरान बाबर का झुकाव बीजेपी की तरफ हो गया था। वह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी का प्रचार करने लगा था। यह बात बाबर के पट्टीदारों को नागवार गुजरी। वह कई मौकों पर बाबर को ऐसा करने से रोकने की कोशिश करते रहे। इसके बावजूद बाबर बीजेपी का समर्थन करता रहा।
बीजेपी की जीत पर गांव में बांटी थी मिठाई
बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाई तो बाबर ने जमकर जीत का जश्न मनाया। गांव में मिठाई बांटी। इस वजह से उसके पड़ोसी नाराज थे। 20 मार्च को दुकान से लौटने के बाद बाबर ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगा दिया। इसके बाद पट्टीदार अजीमुल्लाह, आरिफ, ताहिद, परवेज ने साथियों के साथ उस पर हमला बोल दिया। मृतक की पत्नी के मुताबिक, पट्टीदारों ने इसी दिन घर में घुसकर बाबर की बुरी तरह पिटाई कर दी। जान बचाने के लिए बाबर अपनी छत पर चढ़ गया, लेकिन वहां भी दबंग पहुंच गए और उसे छत से नीचे फेंक दिया। बाबर को इलाज के लिए रामकोला सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान बाबर की मौत हो गई।





