इस्लाम छोड़ने वाले केरल (Kerala) के अस्कर अली (Askar Ali) ने आरोप लगाया है कि अब उन्हें परेशान किया जा रहा है. बताते चलें कि इस्लामिक स्कॉलर ने एसेंस ग्लोबल सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे, इससे पहले ही उन्हें उनके रिश्तेदारों ने किसी बहाने से बुलाया और फिर अपहरण कर लिया. एक अखबार से बात करते हुए बताया कि किन कारणों से उन्होंने इस्लाम धर्म छोड़ने का मन बनाया.
अली ने बताया कि मेरी विचारधारा के कारण कई इस्लामिक ग्रुप मुझे नापसंद करने लगे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अस्कर अली ने मलप्पुरम की एक प्रमुख मजहबी एकेडमी से 12 साल का हुदावी धार्मिक कार्यक्रम पूरा किया था. उन्होंने बताया कि हमें अन्य धर्म के लोगों से घृणा और अपने धर्म से प्यार करना सिखाया जाता है, इतना ही नहीं वह बताते हैं कि मुस्लिमों को भारतीय सेना नहीं ज्वाइन करना है, ऐसा सिखाया जाता है क्योंकि ऐसा करने पर उन्हें अपने ही भाई बहनों (मुस्लिम समुदाय के लोगों को) को मारना पड़ेगा.
अक्सर ने बताया कि पढ़ाई के दौरान सिखाया जाता था कि हमें सेना ज्वाइन करने पर उन आतंकवादियों को मारने के लिए मजबूर किया जाएगा जो भारतीय सरजमीं पर घुसपैठ की कोशिश करते हैं. इसके अलावा अपने धर्म से जुड़ी चीजों को दूसरों तक पहुंचाने के बारे में भी सिखाया जाता है. उन्होंने दो टूक कहा- इस्लाम असली फासीवाद जैसा है.
अली ने बताया कि 1 मई को एसेन्स ग्लोबल सम्मेलन को संबोधित करने से पहले उनके रिश्तेदारों ने उनका अपहरण करने की भी कोशिश की थी. उन्होंने कोल्लम में अपने रिश्तेदारों समेत दस सदस्यीय गिरोह पर अपहरण और हमला करने का आरोप लगाया है, अस्कर अली की शिकायत के बाद कोल्लम पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अली के अनुसार, उनका अपहरण करने की कोशिश इसलिए की गई थी कि वह 1 मई को कार्यक्रम को संबोधित नहीं कर पाएं. उन्होंने बताया कि उन लोगों ने मेरा मोबाइल फोन तोड़ दिया, यहां तक की मेरे कपड़े भी फाड़ दिए. अली ने बताया कि जब आरोपी मुझे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बंद करने की कोशिश कर रहे थे तब स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर मदद की और मुझे बचाय़ा






