Tuesday, May 5, 2026
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नबालिग दलित के 4बलात्कारी गिरफ्तार,मोहम्मद अब्दुल कादिर,मोहम्मद इसरार, मोहम्मद अहसान और मोहम्मद नदीम

 

हरिद्वार जिले के ज्वालापुर क्षेत्र से एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। बता दें कि मां की डांट से घर से निकली लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है। इस घटना को अंजाम मेरठ में दिया गया है। जानकारी मिली है कि लड़की मां की डांट से नाराज होकर निकली थी। और वो सहारनपुर से मेरठ जाने के दौरान आरोपितों के जाल में फंस गई। ज्वालापुर की पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में रहती है जो की मां की डांट से नाराज होकर 10वीं घर से चली गई। जब वो घर नहीं लौटी तो उसके माता पिता ने पुलिस को शिकायत की लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। करीब 20 दिन बाद लापता छात्रा नाटकीय घटनाक्रम के तहत रोडवेज बस स्टैंड पर अपने एक रिश्तेदार को मिली थी। पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की तो उसने सारी आपबीती सुनाई जिसे सुन परिवार वाले दंग रह गए।

किशोरी ने पुलिस को बताया कि सहारनपुर से मेरठ जाते समय रोडवेज बस में उसे तीन युवक मिले थे। वो उनके साथ मेरठ चली गई थी। जहां युवकों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसके साथ रेप किया। ये जानकारी ल़ड़की के परिजनों ने पुलिस को दी जिसके पुलिस ने आरोपितों की धर पकड़ के लिए जाल बिछाया। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि एसएसआइ नितेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठिट की गई और आऱोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वो पेशे से गन्ना छीलने का काम करते हैं। मजदूर हैं। बताया कि वो उस दिन मेरठ काम के लिए जा रहे थे कि उन्हें बस में लड़की मिली। उसे अकेली पाकर उन्होंने ने उसे बहलाया और अपने साथ ले गए। वहीं तीनों ने अपने ठेकेदार के साथ मिलकर एक एक कर लड़की के साथ दुष्कर्म किया। आरोपित अब्दुल कादिर, इसरार, ठेकेदार अहसान और नदीम निवासी नथमलपुर चिलकाना सहारनपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने घटना को अंजाम मेरठ के गांव खांसी परतापुर में दिया था। आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

मेरठ में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी के चारों गुनाहगारों को पुलिस ने फेसबुक को हथियार बनाकर गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन कहानी में कई ट्विस्ट हैं। पड़ताल में सामने आया है कि किशोरी को रोडवेज बस में मिली एक महिला ने अगर समझदारी दिखाई होती, तो शायद पीडि़ता को 18 दिन तक हैवानियत का शिकार न बनना पड़ता। पुलिस ने महिला से भी पूछताछ की है।

ज्वालापुर की एक किशोरी पिछले महीने मां की डांट से नाराज होकर घर से निकल पड़ी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस और स्वजन उसकी तलाश करते रहे, पर कुछ पता नहीं मिला। 20 दिन बाद किशोरी अचानक नाटकीय घटनाक्रम के तहत बस स्टैंड पर मिल गई। कुछ दिन तक वह खामोश रही, घर में बार-बार कुरेदने पर किशोरी ने जुबान खोली तो सबकी आंखें फटी रह गई।
किशोरी ने बताया कि मेरठ में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। किशोरी ने दो आरोपितों के नाम कादिर और इसरार बताए। नाम के अलावा बाकी कोई जानकारी न होने के कारण उन्हें ढूंढना रेत के ढेर में सूई खोजने जैसा था। एएसपी ज्वालापुर रेखा यादव के निर्देशन में ज्वालापुर कोतवाल महेश जोशी, एसओजी इंस्पेक्टर नरेंद्र बिष्ट, प्रभारी रणजीत तोमर, एसएसआइ नितेश शर्मा ने टीम के साथ मिलकर जुगत भिड़ाई और फेसबुक पर आरोपितों की खोजबीन शुरू की।

दो आरोपितों को फोटो देखकर किशोरी ने पहचान लिया। इसके बाद लड़की के नाम से फेसबुक आइडी बनाकर चैङ्क्षटग करते हुए उनका मोबाइल नंबर ले लिया और आखिरकार आरोपित ज्वालापुर की पुलिस और एसओजी के जाल में फंस गए। किशोरी से पूछताछ में पता चला कि ज्वालापुर में रोडवेज बस में सवार होने पर एक महिला उसे मिली थी।
वह अपने मायके में सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में लोधीपुर गांव ले गई और अगले दिन किशोरी के कहने पर उसे मेरठ की बस में बैठा दिया। महिला अगर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए पुलिस को सूचना दे देती तो शायद किशोरी मेरठ में गलत हाथों में जाने से बच जाती। बच्चियों व महिलाओं से हैवानियत होने के बाद अक्सर लोग कैंडल मार्च लेकर सड़क पर उतरते हैं, लेकिन समय रहते अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर लिया जाए तो दरिंदगी की घटनाओं को रोका जा सकता है।

सगे भाइयों ने मिलकर किया शर्मनाक काम
किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपितों में दो कादिर और नदीम सगे भाई हैं। आरोपितों ने एक दूसरे की मौजूदगी में घिनौना कार्य किया। कोई शख्स अपने सगे भाई के सामने किसी के साथ दुष्कर्म कैसे कर सकता है। यह बात समझ से परे है। इससे आरोपितों की मानसिक स्थिति का भी पता चलता है।

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