IAS Pooja Singhal मनी लांड्रिंग की आरोपित आइएएस पूजा सिंघल को झारखंड हाई कोर्ट से भी जमानत नहीं मिल पाई। एक बार फिर उनकी याचिका पर सुनवाई टल गई। अब तीन नवंबर को पूजा सिंघल की जमानत पर विस्तृत सुनवाई होगी।
मनी लांड्रिंग मामले में आरोपित निलंबित आइएएस पूजा सिंघल को जमानत के लिए इंतजार करना होगा। जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत में उनकी जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन समयाभाव के कारण सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस मामले में विस्तृत सुनवाई की जरूरत है। इस पर पूजा सिंघल के अधिवक्ता ने अगली तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया। अदालत ने तीन नवंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद पूजा सिंघल ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि वह लंबे समय से इस पूरे मामले में जांच टीम को सहयोग कर रही हैं। उन्हें थायराइड सहित अन्य बीमारी है, इसलिए उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान की जाए। पूजा सिंघल को ईडी ने 11 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही वह जेल में बंद हैं। बता दें कि ईडी ने पूजा सिंघल के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी ने कहा है कि चतरा, खूंटी और पलामू जिले में डीसी रहते हुए पूजा सिंघल के खाते में वेतन से 1.43 करोड़ रुपये अधिक आए थे। तीनों जिलों में उनके डीसी के कार्यकाल के दौरान के अलग-अलग बैंक खातों व दूसरे निवेश की जानकारी भी एक जगह जमा की गई है।
अमित अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई टली
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में कारोबारी अमित अग्रवाल की ओर से ईडी की कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए 2.15 बजे से सूचीबद्ध था, लेकिन द्वितीय पाली में बेंच उपलब्ध नहीं रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अमित अग्रवाल के अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने बताया कि प्रार्थी के खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं। वह पूरी तरह से गलत हैं। ईडी की कार्रवाई गलत है.
उन्होंने वकील राजीव कुमार के खिलाफ रिश्वत की शिकायत की थी, लेकिन ईडी ने उन्हें ही आरोपित बना दिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त करने का आग्रह अदालत से किया गया है। अमित अग्रवाल ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अंतरिम राहत की गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि यह मामला झारखंड हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार का है। तब अदालत ने अमित अग्रवाल को झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने की बात कही थी।






