Wednesday, May 6, 2026
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मोदी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे तो कुछ नही,एक बार खुद के खिलाफ लगे,तो मुख्यमंत्री को रोना आ गया

चंडीगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन साल भर चला। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेकर मुर्दाबाद के नारे जमकर लगते रहे और रोज लगे। इस पर किसी नेता की जुबान से कुछ नहीं निकला। पंजाब के मौजूदा सीएम भगवंत मान भी उस वक्त मुंह में दही जमाकर बैठे रहे। अब जब मोहाली में धरना देकर बैठे किसानों ने मान के लिए मुर्दाबाद का नारा लगाया, तो उन्हें ये पसंद नहीं आ रहा है। मान कह रहे हैं कि ऐसे नारे लगाना ठीक नहीं है। मान ने और क्या कहा, आपको वो बताएंगे, पहले बताते हैं कि पंजाब में किसान आंदोलन आखिर चल क्यों रहा है।

पंजाब के किसानों को दरअसल, आम आदमी पार्टी AAP की सरकार से काफी उम्मीद थी। उन्होंने सोचा था कि एमएसपी समेत 11 मांगों को भगवंत मान की सरकार पूरा करेगी। ऐसा हुआ नहीं। उल्टे मान सरकार के दो महीने के शासन में 24 किसानों ने खुदकुशी कर ली। इन्हीं सब मसलों पर किसान चंडीगढ़ जाकर मान सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले थे। इनको मोहाली में रोक लिया गया, तो सभी वहां धरना देकर बैठ गए। ठीक दिल्ली के बॉर्डर जैसा हाल यहां देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी सारी मांगें भगवंत की सरकार मान नहीं लेती, वो टस से मस नहीं होंगे। धरने में किसानों की ओर से भगवंत मान के लिए मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।

भगवंत मान को अपने लिए लग रहे मुर्दाबाद के इन्हीं नारों से दिक्कत हो गई। मान ने मंगलवार रात को मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द बयान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को आंदोलन करने का हक है, लेकिन मुर्दाबाद के नारे ठीक नहीं लगते। मैं सब ठीक कर दूंगा। एमएसपी वगैरा मांगें भी मान लूंगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि 2 महीने बाद आप सोचिए कि मुर्दाबाद के नारे तो लगाए ही नहीं। चलिए चंडीगढ़ चलते हैं। यही मान और इनकी पार्टी के लोग उस वक्त चुप थे, जब किसान आंदोलन में मोदी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगते थे। यहां तक कि तमाम आंदोलनकारी तो मोदी की मौत की भी कामना करते दिखे थे।

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