जर्मनी में चीनी ड्रग-रेप और टेलीग्राम गैंग का भंडाफोड़, लेकिन DW ने घुसाया एंटी-इंडिया प्रोपेगेंडा: समझें- पाकिस्तानी ग्रूमिंग जिहादियों को छोड़ क्यों घसीटा कुंभ का नाम

जर्मनी की राजधानी बर्लिन सहित कई शहरों में चीनी मूल के नागरिकों द्वारा संचालित ‘जर्मन ड्राइविंग स्कूल’ नामक टेलीग्राम गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। यह गैंग चीनी छात्राओं को नशीला पदार्थ देकर उनका यौन शोषण करता था और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। अदालत ने मुख्य आरोपित टोंग जेड को 5 साल 9 महीने और एडमिन दापेंग जेड को 14 साल की सजा सुनाई है

इस चीनी गैंग के अलावा जर्मनी में सीरियाई और पाकिस्तानी प्रवासियों के खतरनाक ग्रूमिंग गैंग भी सक्रिय हैं, जो नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। यह बिल्कुल ब्रिटेन के उस कुख्यात पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग जैसा है जिसने दशकों तक हजारों गैर-मुस्लिम बच्चियों का बर्बर उत्पीड़न किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी से लड़कियों के सुनियोजित यौन शोषण, ड्रग्स देने और उनके वीडियो बनाकर शेयर करने वाले खतरनाक गैंग्स के मामले सामने आए हैं। जिसमें एक चीनी टेलीग्राम गैंग ‘जर्मन ड्राइविंग स्कूल’ का भी भंडाफोड़ हुआ है। इस गैंग ने ड्रग्स और बलात्कार के जरिए आतंक मचा रखा था। लेकिन जर्मन सरकारी ब्रॉडकास्टर डॉयचे वेले (DW) का ध्यान इन गंभीर और वीभत्स मामलों से हटकर भारत को बदनाम करने पर केंद्रित है।

DW हिंदी की वीडियो रिपोर्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। DW ने अपनी इस रिपोर्ट में यूके के पाकिस्तानी अपराधियों का नाम तक नहीं लिया और नैरेटिव को भटकाने के लिए जबरन भारत का नाम घसीटकर एंटी-हिंदू प्रोपेगेंडा चलाया। पश्चिमी मीडिया का यह रवैया उसकी स्थापित ‘व्हाटअबाउटरी’ और टूलकिट का हिस्सा है।

जर्मनी का चीनी ‘ड्रग रेप’ टेलीग्राम गैंग, जो दिन में ‘गॉड’ और रात में ‘डेविल’ बन जाते

जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य शहरों को दहला देने वाले एक मामले में ‘जर्मन ड्राइविंग स्कूल’ नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप का पर्दाफाश हुआ है। इस ग्रुप में चीनी मूल के पुरुष शामिल थे, जो जर्मनी में पढ़ रहे थे या काम कर रहे थे। इस गैंग का मुख्य तौर-तरीका अपनी ही पहचान की चीनी और एशियाई मूल की छात्राओं और महिलाओं को निशाना बनाना, उन्हें नशीला पदार्थ (ड्रग्स) देना और फिर बेहोशी की हालत में उनका बलात्कार कर वीडियो बनाना था।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस गैंग के एक मुख्य अपराधी 26 वर्षीय टोंग जेड (Tong Z) को बर्लिन की अदालत ने गंभीर बलात्कार, खतरनाक शारीरिक नुकसान और व्यक्तिगत गोपनीयता के उल्लंघन के लिए 5 साल और 9 महीने की जेल की सजा सुनाई है। टोंग जेड टेलीग्राम पर “God by day, devil by night” (दिन में भगवान, रात में शैतान) नाम से सक्रिय था।

टोंद जेड बाहर से तो बेहद सभ्य, मददगार और अच्छा खाना पकाने वाला लड़का दिखता था, लेकिन पीठ पीछे वह एक दरिंदा था। उसने 2019 से 2024 के बीच जर्मनी, पोलैंड, डेनमार्क और चीन की यात्राओं के दौरान कम से कम 11 महिलाओं का यौन शोषण किया। उसने अपनी एक पड़ोसी के बाथरूम में मास्टर की (स्पेयर चाबी) से घुसकर हिडन कैमरा तक लगा दिया था।

टोंग जेड ने 2024 में एक ऐसी महिला के साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाया जो शारीरिक और मानसिक रूप से आंशिक रूप से अपंग थी। उसने महिला को भारी मात्रा में नशीला पेय पिलाया था। जब पुलिस ने टोंग जेड के ठिकाने पर छापा मारा, तो वहाँ से कंडोम, महिलाओं के अंतर्वस्त्र, सीरिंज, नशीली दवाएँ और 2 टेराबाइट (2TB) से अधिक डेटा वाले हार्ड ड्राइव मिले, जिनमें हर पीड़ित महिला के नाम का एक अलग फोल्डर बना हुआ था। वह इन वीडियो के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करता था और कोर्ट में स्वीकार किया कि महिलाओं का रोना और भीख माँगना उसे और अधिक उत्तेजित करता था।

इस गैंग का एडमिन 44 वर्षीय आईटी इंजीनियर दापेंग जेड (Dapeng Z) था, जिसे जर्मन अदालत ने गंभीर बलात्कार और हत्या के प्रयास के लिए 14 साल की जेल की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य चीनी छात्र झोंगयी जे (Zhongyi J) को 11 साल से अधिक की सजा मिली है। कोर्ट ने माना कि इन लोगों ने पीड़ितों को जानलेवा मात्रा में ड्रग्स दिए थे। टेलीग्राम ग्रुप पर ये अपराधी कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे, जिसमे नशीली दवाओं और एनेस्थेटिक्स के लिए ‘फ्यूल’ (ईंधन) और अपने टारगेट (शिकार) के लिए ‘कार’ नाम का कोडवर्ड।

यह मामला ब्रिटेन में 2025 में पकड़े गए चीनी सीरियल रेपिस्ट झेनहाओ जोउ (Zhenhao Zou) जैसा ही था, जिसने ब्रिटेन और चीन में 10 महिलाओं को ड्रग देकर बलात्कार किया था और उसे उम्रकैद की सजा मिली थी।

जर्मनी में सीरियाई और पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग भी सक्रिय

चीनी गैंग के अलावा जर्मनी में यूके की तर्ज पर ही पाकिस्तानी और सीरियाई मूल के प्रवासियों के ग्रूमिंग गैंग भी सक्रिय हैं। जर्मनी के विभिन्न शहरों में नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने, उन्हें ड्रग्स की लत लगाने और फिर उनका यौन शोषण करने के आरोप में 6 सीरियाई और पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

ये गैंग्स वहाँ की सामाजिक व्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं, जो ठीक उसी ढर्रे पर काम कर रहे हैं जो ब्रिटेन के मैनचेस्टर, रोदरहैम और टेलफोर्ड में देखा गया था।

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