कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल उनके एक इंटरव्यू में वह तालिबान के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं. अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा से संबंधित सवाल पर इरफान कहते हैं कि तालिबान और अफगानिस्तान मुद्दा नहीं है. असल मुद्दा अमेरिकी और ब्रिटिश फोर्स है. वह जहां जाते हैं, लोगों का शोषण करते हैं. बहू-बेटियों की बेइज्जती और लोगों से मारपीट करते हैं. वहां के लोग इसी का विरोध कर रहे थे.
अब तालिबान ने फोर्स हटाने में सफलता प्राप्त कर ली है. मुझे अच्छा लगा कि कम से कम हटा तो दिया. अमेरिका और ब्रिटिश फौज पिछले 20-25 साल से वहां राज कर रहे थे. अब भारत में ही कोई दूसरे देश की सेना आकर राज करेगी, तो कोई क्यों बर्दाश्त करेगा. आप सुपर पावर हैं, तो अपने घर में रहिये. अफगानिस्तान में अमेरिकी फोर्स के जाने से स्थिति बेकाबू नहीं हुई है, बल्कि वहां के लोगों को आजादी मिली है. स्वतंत्रता सभी का अधिकार है. सभी को खुली हवा में सांस लेने की आजादी है.
लड़कियों को शिक्षा नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि तालिबान क्या बोलता है, उससे कोई मतलब नहीं है. मुझे तालिबान या अफगानिस्तान से कोई मतलब नहीं है. अपने देश से मतलब है. यहां की बढ़ती महंगाई और गैस-पेट्रोल की कीमतों में होती बढ़ोतरी से मतलब है. सबको रोजगार दिलाने से मतलब है. अब अफगानिस्तान में लड़कियों को पढ़ने की आजादी होनी चाहिए या नहीं, इससे कोई लेना-देना नहीं है. भारत में पेट्रोल के बढ़ते दाम पर अफगानिस्तान का मीडिया कुछ नहीं दिखायेगा.
ऐसे में भारतीय मीडिया को भी अफगानिस्तान की बात नहीं करनी चाहिए. यह सब भाजपा की चाल है. तालिबान में दिमाग फंसा कर भाजपा मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है. तालिबान द्वारा औरतों को जबरन बुर्का पहनाने के सवाल पर श्री अंसारी ने कहा कि यह सवाल एंटी मुस्लिम की तरह पूछा जा रहा है.





