कहने को सब बराबर,अपनी औकात पहचानो आम नागरिकों,तुम्हारा खानदान तो रहा होता अब तक तो….
कहने को सिर्फ कहने को देश का हर नागरिक बराबर है,कहने को सबके पास बराबर के अधिकार हैं,सिर्फ कहने को ...... बस कहने को है ‘कानून की नजर में सब बराबर’, जान लीजिए जस्टिस यशवंत वर्मा की जगह आपके घर...









