Monday, April 20, 2026
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भाजपा हो या कांग्रेस सबके नेता रिश्वतखोर,रंगे हाथ पकड़ाने पर बोली महिला कर्मचारी, सब कुत्ते की तरह लार टपकाते है

सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार रोकने चाहे कितने भी दावे हो, लेकिन कर्मचारी अधिकारी है कि उनका सैलरी से पेट ही नहीं भरता। जब तक काली कमाई के नोटों की गड्डी उनके ज़ेब में नहीं पहुंचती तब उनकी भूख नहीं मिटती। मप्र के जबलपुर में लगातार पड़ रहे छापों से तो यही लगता हैं। अब जिला अस्पताल में महिला संविदा कर्मचारी 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई। लोकायुक्त विभाग ने यह कार्रवाई की हैं।

ट्रेवल्स एजेंसी का बिल भुगतान के एवज में रिश्वत

ट्रेवल्स एजेंसी का बिल भुगतान के एवज में रिश्वत

स्वास्थ्य विभाग की योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में ठेके पर लगे वाहनों के बिल भुगतान के एवज में रिश्वत मांगे जाने की लोकायुक्त विभाग में शिकायत की गई थी। लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि शहर के मिश्रा ट्रेवल्स की कुछ गाड़ियाँ एनएचएम में अनुबंधित हैं। जिसका भुगतान होना था। शिकायतकर्ता ने विभाग में भुगतान संबंधी समस्त बिल प्रस्तुत किए, लेकिन संविदा कर्मचारी श्रद्धा ताम्रकार उसके एवज में 80 हजार रुपए की डिमांड करने लगी। इस बात की पीड़ित ने लोकायुक्त विभाग को शिकायत कर दी।

विभाग से कई दस्तावेज बरामद

विभाग से कई दस्तावेज बरामद

लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को जिला अस्पताल विक्टोरिया में दबिश दी। शिकायतकर्ता ने जैसे ही विभाग में पदस्थ संविदा कर्मचारी श्रद्धा ताम्रकार को 80 हजार रुपए नकद दिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोंच लिया। इस दौरान संबंधित विभाग से लोकायुक्त पुलिस ने कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही आरोपी कर्मचारी से अन्य भुगतान के संबंध में भी पूछताछ की जा रही हैं। इस कार्रवाई से विक्टोरिया अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

जिसने डिमांड पूरी नहीं की, उसके लटक गए बिल

जिसने डिमांड पूरी नहीं की, उसके लटक गए बिल

पूर्व पदस्थापना के जिलों में भी श्रद्धा के कामकाज पर अंगुली उठती रही है। जबलपुर में पदस्थापना के दौरान बिलों का भुगतान समय से न करने की शिकायतें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचती रही हैं। श्रद्धा ताम्रकार को संविदा नौकरी में हर माह 30 हजार रुपये वेतन मिलता है। बताया जाता है कि दफ्तर में श्रद्धा लंबे वक्त भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही। लेकिन कुछ नेताओं के संरक्षण के चलते उस पर अधिकारी आज तक कार्रवाई नहीं कर पाए।

काफी वक्त से माँगा जा रहा था कमीशन

काफी वक्त से माँगा जा रहा था कमीशन

मिश्रा ट्रेवल्स के संचालक को जिन बिलों का भुगतान किया जा चुका था, उनका भी कमीशन श्रद्धा की ओर से मांगा जा रहा था। ट्रेवल्स संचालक ने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से श्रद्धा की शिकायत की थी, परंतु कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए है कि स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ श्रद्धा ही नहीं, बल्कि विभाग के कई बड़े अधिकारी भी इस खेल में शामिल रहते हैं।

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